गोरखपुर में गरीबी से जीत, सिस्टम में एंट्री! विकास राव की सफलता बनी मिसाल

गोरखपुर के पूर्व कलेक्ट्रेट कर्मचारी विकास कुमार राव ने पीसीएस-2024 में 136वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) पद पर चयन पाया। आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने चतुर्थ श्रेणी नौकरी से सफर शुरू किया। जुलाई 2024 में नौकरी छोड़कर पूरी तरह तैयारी में जुटे और आखिरकार सफलता हासिल की।

Gorakhpur: मेहनत, हौसला और दृढ़ संकल्प क्या कर सकता है, इसका जीवंत उदाहरण बनकर उभरे हैं गोरखपुर कलेक्ट्रेट के पूर्व कर्मचारी विकास कुमार राव। देर रात घोषित पीसीएस-2024 के परिणामों में 136वीं रैंक हासिल कर उन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) पद पर चयन पाकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे कलेक्ट्रेट परिवार का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। जैसे ही परिणाम सामने आया, कलेक्ट्रेट परिसर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी सहकर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।

संघर्षों से भरा रहा सफर

बस्ती जनपद के रुधौली कस्बे के रहने वाले 27 वर्षीय विकास की कहानी संघर्षों से भरी रही है। वर्ष 2016 में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उसी साल उन्होंने मृतक आश्रित कोटे से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में कलेक्ट्रेट में नौकरी शुरू की। सीमित संसाधनों और पारिवारिक दबावों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को मरने नहीं दिया।

नौकरी के साथ बनाई अलग पहचान

नौकरी के दौरान ही उनकी मेहनत और कार्यकुशलता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। अधिकारियों ने उनकी लगन को देखते हुए उनसे लिपिकीय कार्य भी लेने शुरू किए। लगातार प्रयासों का परिणाम रहा कि उन्होंने विभागीय परीक्षा पास कर वर्ष 2023 में पदोन्नति पाई और मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय में अल्महद के पद पर तैनात हुए। लेकिन विकास का लक्ष्य इससे कहीं बड़ा था।

बड़ा फैसला, बड़ा जोखिम

जुलाई 2024 में उन्होंने एक बड़ा और जोखिम भरा फैसला लिया। स्थायी नौकरी छोड़कर पूरी तरह पीसीएस की तैयारी में जुट जाना। दिल्ली जाकर उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में झोंक दिया। उस समय के जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश ने भी उन्हें प्रेरित किया लेकिन विकास ने बिना किसी बाधा के तैयारी के लिए त्यागपत्र देना ही उचित समझा।

मेहनत लाई रंग

उनकी यह मेहनत आखिरकार रंग लाई। पीसीएस-2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 136वीं रैंक हासिल की और असिस्टेंट कमिश्नर (सेल टैक्स) जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयनित हुए। खास बात यह भी है कि विकास पढ़ाई के साथ खेलों में भी अव्वल रहे हैं। 2019 में मलेशिया में तायक्वांडो में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

इंदिरा नगर, गोरखपुर में रहकर संघर्ष की यह कहानी लिखने वाले विकास आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदार हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 31 March 2026, 10:44 PM IST

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