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इटावा में बीवी के जुए में 20 हजार रुपये हारने के बाद पति की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। पत्नी और उसके परिवार ने पति की हत्या कर शव को फंदे से लटका आत्महत्या का नकाब ओढ़ाया। पुलिस ने मामला सुलझा कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बीवी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया
Etawah: इटावा के कैलाशपुरम इलाके में माहौल अचानक डरावना हो गया, जब स्थानीय पुलिस को एक शव लटका हुआ मिला। मृतक जितेंद्र कुमार यादव जो आइवीआरआई में कर्मचारी थे, उनकी मौत को शुरू में परिवार ने आत्महत्या बता दिया। लेकिन पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि यह हत्या है। पुलिस ने शनिवार को उसकी पत्नी ज्योति और सास-ससुर को गिरफ्तार कर हत्याकांड का राज़ खोला।
पत्नी और परिवार के साथ हत्याकांड
पुलिस के अनुसार, मामला शुरू हुआ उस समय जब जितेंद्र ने अपनी पत्नी के खाते से 20 हजार रुपये जुए में हार दिए। 26 जनवरी को जब पत्नी ने इस बारे में पति से सवाल किया, दोनों में बहस हुई। बहस बढ़ते ही पत्नी ने अपने मां, पिता और भाई को फोन कर बुला लिया। जब सभी पहुंचे, तो हाथापाई के दौरान परिवार ने मिलकर जितेंद्र की हत्या कर दी।
आत्महत्या का नाटक
हत्या के बाद आरोपितों ने शव को वेंटीलेटर की ग्रिल में मफलर से बांधकर फंदे से लटका दिया ताकि मामला आत्महत्या लगे। यह चालाकी तब फेल हुई जब पोस्टमार्टम में गला दबाए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को पकड़ लिया। आरोपी भाई अभी फरार है।
ज्योति और जितेंद्र की जान-पहचान पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों ने परिवार की सहमति से 23 नवंबर 2025 को शादी की और कैलाशपुरम में किराये के मकान में रहने लगे। जितेंद्र की संविदा नौकरी और पत्नी की रोडवेज में नौकरी के बावजूद जुए की आदत ने उनके जीवन को खतरनाक मोड़ दे दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपितों को डेलापीर से त्रिशूल तिराहे की ओर जाते समय गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पूछताछ में ज्योति ने अपनी भूमिका स्वीकार की। पुलिस अब फरार भाई की तलाश में लगी है। अधिकारियों का कहना है कि मामला पारिवारिक झगड़े और पैसों की लालच की वजह से हुआ, और आगे की जांच जारी है।