फर्जी BAMS डिग्री का खेल बेनकाब, UP STF ने अंतर्राज्यीय गिरोह के सरगना को प्रयागराज से दबोचा

उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने BAMS की फर्जी मार्कशीट, डिग्री और प्रमाणपत्र बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के मुख्य सरगना मो. तारूक को प्रयागराज से गिरफ्तार कर भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 10 January 2026, 11:21 PM IST
google-preferred

Prayagraj: डॉक्टर बनने का सपना अब मेहनत से नहीं, बल्कि पैसों के दम पर पूरा कराने वाला एक खतरनाक गिरोह पुलिस के शिकंजे में आ गया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने BAMS की फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाकर लोगों से लाखों रुपये वसूलने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के मुख्य सरगना मो. तारूक को प्रयागराज से गिरफ्तार कर सनसनी फैला दी है। इस गिरोह का खुलासा होते ही मेडिकल सिस्टम की साख पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

क्लीनिक बना था फर्जीवाड़े का अड्डा

एसटीएफ के मुताबिक 9 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे करेली स्थित सावित्रीबाई फुले मेडिकल रिसर्च सेंटर नामक क्लीनिक पर छापा मारा गया। यही जगह आरोपी मो. तारूक का कार्यालय भी थी, जहां से वह फर्जी BAMS डिग्री और प्रमाणपत्र तैयार कर सप्लाई करता था। छापेमारी के दौरान एक कंप्यूटर सीपीयू, मोबाइल फोन, 32 जीबी पेन ड्राइव और 68 फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट की प्रतियां बरामद की गईं।

शिकायत से खुला पूरा नेटवर्क

मिर्जापुर निवासी ब्रम्हानन्द की शिकायत पर एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि मो. तारूक ने ब्रम्हानन्द से करीब 6 लाख रुपये लेकर BAMS की फर्जी डिग्री और मार्कशीट दी थी। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों के मेडिकल संस्थानों के नाम पर नकली डिग्री तैयार करता था।

देशभर में फैला था जाल

पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। आरोपी ने आजमगढ़, जौनपुर, ओडिशा और अन्य राज्यों की यूनिवर्सिटियों के नाम पर फर्जी डिग्रियां बनाईं। कई लोगों को डॉक्टर बना दिया गया, जबकि आरोपी ने खुद और अपनी पत्नी के नाम से भी फर्जी BAMS डिग्री तैयार की थी। इन्हीं डिग्रियों के सहारे वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का इलाज भी करता रहा।

6 से 10 लाख में बिकती थी डिग्री

एसटीएफ के अनुसार आरोपी एक BAMS डिग्री के लिए 6 से 10 लाख रुपये तक वसूलता था। यह पूरा खेल बैंक खातों के जरिए चल रहा था ताकि शक न हो।

कानूनी शिकंजा कसता जा रहा

मो. तारूक के खिलाफ थाना करेली कमिश्नरेट प्रयागराज में गंभीर धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे की कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है। यह मामला न सिर्फ ठगी का है, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ का भी है।

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 10 January 2026, 11:21 PM IST

Advertisement
Advertisement