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आगरा के थाना एकता क्षेत्र में यूपी STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार का इनामी बदमाश पवन उर्फ कल्लू मुठभेड़ में घायल हो गया। आरोपी पर हत्या और रंगदारी समेत 18 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके पास से भारी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद हुए हैं।
पवन उर्फ कल्लू
Agra: आगरा में शुक्रवार को उस वक्त गोलियों की आवाज से इलाका दहल उठा, जब यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट और आगरा पुलिस की संयुक्त टीम की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। थाना एकता क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में एक कुख्यात बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घायल बदमाश की पहचान पवन उर्फ कल्लू पुत्र संतराम निवासी सिरौली थाना लोनी गाजियाबाद के रूप में हुई है। पवन कमिश्नरेट आगरा के थाना ताजगंज क्षेत्र में दर्ज रंगदारी के मामले में वांछित चल रहा था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक, पवन शासन द्वारा चिन्हित कुख्यात रणदीप भाटी और अमित कसाना गैंग का सक्रिय शूटर है। उसके खिलाफ हत्या के चार, रंगदारी के दो समेत 18 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। साल 2021 में हत्या के एक मामले में उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, जिसके बाद वह दिल्ली से गिरफ्तार होकर जेल गया था।
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बताया जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान उसका संपर्क हरियाणा के कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से हो गया था। वर्ष 2025 में जेल से छूटने के बाद उसने फिर से रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करना शुरू कर दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की फिराक में था।
मुठभेड़ के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में असलहे और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ी घटना हो सकती थी। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
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कांस्टेबल से लूटी गई थी पिस्टल
मुठभेड़ के बाद पुलिस को मौके से जो 9 एमएम पिस्टल मिली, उसे लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि यह पिस्टल वर्ष 2016 में थाना बिसरख, गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में कांस्टेबल मोनू धीमन से लूटी गई थी। उस समय वह एडीजे की पीएसओ ड्यूटी में तैनात थे। इस संबंध में थाना बिसरख में केस नंबर 247/16 धारा 279, 337, 392 और 427 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज है।