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नोएडा में एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत ने पूरे उत्तर प्रदेश के सिस्टम को हिलाकर रख दिया। एक युवक की जान किन जिम्मेदार अफसरों की वजह से गई, इसका पता लगाने Dynamite News की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
Noida: अंधेरी रात, घना कोहरा और बिना बैरिकेडिंग का निर्माणाधीन मॉल…इसी खतरनाक चूक ने एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान ले ली। अब इस मौत ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस दर्दनाक वारदात के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पूरा सिस्टम सवालों में घिर चुका है, लेकिन जिम्मेदार अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है। देखिए Dynamite News की ये खास Video Story...
हादसे के बाद प्रशासन में भी हड़ंकप मच गया है और सीएम योगी ने हादसे पर दुख जताते हुए मामले का संज्ञान लिया है, एसआईटी गठित करके पांच दिन में रिपोर्ट मांगी हैं। साथ ही नोएड़ा प्राधिकरण के सीईओ लोकश एम को सस्पेंड किया गया हैं।
नोएडा में कार सवार इंजीनियर की मौत के मामले ने सरकार को भी हिला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए कड़ा कदम उठाया है। सीएम ने सोमवार को नोएडा अथॉरिटी के सीईओ डॉ. लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया और उन्हें वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है। लोकेश एम बीते साल जुलाई 2023 से नोएडा अथॉरिटी की कमान संभाल रहे थे।
सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मामले की जांच तेज़ी से कराई जाएगी। इसके लिए सीएम ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। SIT का नेतृत्व मेरठ मंडलायुक्त करेंगे। टीम में एडीजी ज़ोन मेरठ और PWD के चीफ इंजीनियर भी शामिल रहेंगे। यह टीम पांच दिनों में जांच पूरी कर मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपेगी।
बता दें कि सेक्टर-150 में लोटस ग्रीन बिल्डर के अधूरे मॉल के खुले बेसमेंट में पानी भरा हुआ था। इसी बीच कार सवार इंजीनियर की अंदर फंसकर मौत हो गई थी। घटना के बाद मेला प्रशासन और बिल्डर की लापरवाही को लेकर सवाल उठे। जिसके बाद अब सरकार ने सीधे स्तर पर हस्तक्षेप किया है।