देवरिया में मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त, धान की फसल डूबी और चारे की किल्लत से किसानों की बढ़ी चिंता

देवरिया में तीन दिनों की मूसलाधार बारिश से राप्ती, घाघरा और गंडक का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। निचले इलाकों में खरीफ की फसलें डूब गई हैं और पशुओं के चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। रुद्रपुर तहसील के दर्जनों गांव प्रभावित हैं।

Updated : 28 September 2026, 11:43 AM IST
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Deoria: जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार हो रही इस बारिश के चलते जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से उफनी राप्ती और घाघरा

पिछले तीन दिनों से जारी बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियों- राप्ती, गोर्रा, घाघरा और गंडक के जलस्तर में लगातार और तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। बाढ़ खंड विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश से नदियों का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। नदियों के इस उफान का सबसे बुरा असर ग्रामीण इलाकों पर पड़ा है, जहां गांवों के तालाब और पोखरे पूरी तरह लबालब भर चुके हैं। कई स्थानों पर खेतों में लगी बोरिंग के रास्तों से भी पानी वापस बाहर निकलने लगा है, जिससे स्थिति और विकट हो गई है।

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जलभराव से डूबी खरीफ की फसलें, चारे का संकट

मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया है, जिससे वहां खड़ी खरीफ की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी फसलों को डूबने से बचाने की है। इसके साथ ही, खेतों में पानी भरने के कारण मवेशियों के चारे का गंभीर संकट भी गहराने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि खेतों में पानी इसी तरह भरा रहा, तो धान और अन्य खरीफ फसलों के सड़ने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाएगा। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।

रुद्रपुर तहसील के दर्जनों गांव सबसे अधिक प्रभावित

इस आपदा का सबसे गंभीर असर रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में देखने को मिल रहा है। पिपरा कछार, डहरौली बुजुर्ग, शीतल माझा, बहोरा दलपतपुर, ढडिया, भेड़ी, एकौना, मराझी टोला, भिरवा और छपरा सहित दर्जनों से अधिक गांव जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से जूझ रहे हैं। इन क्षेत्रों के ग्रामीण और मजदूर लगातार पानी भरने से खासे परेशान हैं और प्रशासन से तुरंत जलनिकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं ताकि फसलों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।

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जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी और सख्त निर्देश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। देवरिया के जिलाधिकारी मकसूदन हुल्गी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए समस्त विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी का स्पष्ट कहना है कि यदि किसी भी किसान या मजदूर का नुकसान होता है, तो उस पर पूरी गंभीरता से त्वरित कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत व बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

Location :  Deoria

Published :  28 September 2026, 11:43 AM IST

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