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सीएमओ के रवैये से टूटी सब्र की दीवार
Deoria : जनपद के स्वास्थ्य विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के अधीक्षकों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को अपना सामूहिक त्यागपत्र सौंप दिया। अधीक्षकों का आरोप है कि वे बेहद कम संसाधनों और डॉक्टरों की भारी कमी के बावजूद 24 घंटे पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं, लेकिन सीएमओ द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजे गए पत्र में अधीक्षकों ने दर्द बयां करते हुए कहा है कि देवरिया जनपद में डॉक्टरों के कुल 215 स्वीकृत पदों के सापेक्ष मात्र 103 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। आधे से भी कम डॉक्टर होने के बावजूद सभी अधीक्षक और चिकित्सा कर्मी पूरी ईमानदारी के साथ सेवाएं दें रहे है। अधीक्षकों का कहना है कि वे सीमित मानव संसाधन में भी इमरजेंसी सेवाएं, पोस्टमार्टम, ओपीडी (OPD) और सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को पूरी सफलता के साथ संपादित कर रहे हैं।
इसके बावजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के रवैये से वे बेहद आहत हैं। पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि आपके (सीएमओ) मानसिक उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर हम सभी आज दिनांक 06/06/2026 को अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के पद से सामूहिक त्यागपत्र दे रहे हैं"।
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इस्तीफा देने वाले अधीक्षकों में लार, रुद्रपुर, भाटपाररानी, तरकुलवा और गौरी बाजार समेत जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया है कि वे केवल प्रशासनिक पद (अधीक्षक) से इस्तीफा दे रहे हैं, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो। वे सभी एक डॉक्टर के रूप में अपनी चिकित्सीय सेवाओं को निरंतर जारी रखेंगे।
इस सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद से ही जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में खलबली मची हुई है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारियों और शासन स्तर से क्या कार्रवाई की जाती है।
Location : Deoria
Published : 7 June 2026, 4:59 PM IST