सांवले रंग पर ताने, लाखों का दहेज और फ्लैट की मांग! बेटी की हालत देख पिता रह गए थे दंग, अब पति-सास-ससुर का किया ये हाल

आगरा के कमला नगर में दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में अदालत ने पति और सास-ससुर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। आरोप था कि विवाहिता से पांच लाख रुपये, फ्लैट और अतिरिक्त दहेज की मांग की गई। सांवले रंग को लेकर ताने देने और प्रताड़ित करने का भी आरोप लगा था। कोर्ट ने तीनों को अलग-अलग धाराओं में कारावास और जुर्माने से दंडित किया, जबकि ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 August 2026, 1:47 PM IST
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Agra: आगरा में शादी के बाद दहेज को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और उसके साथ मारपीट करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कमला नगर थाने में दर्ज मामले की सुनवाई करते हुए विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता ने पति रोहित चतुर्वेदी, ससुर मधुर चतुर्वेदी और सास निशा चतुर्वेदी को दोषी माना। अदालत ने तीनों को अलग-अलग धाराओं में कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, मामले में आरोपी ननद सौम्या को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।

26 फरवरी 2019 को हुई थी शादी

राधा विहार एक्सटेंशन, कमला नगर निवासी रविकांत चतुर्वेदी बैंक से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपनी बेटी तन्वी चतुर्वेदी की शादी 26 फरवरी 2019 को मूल रूप से बाह के होलीपुरा निवासी रोहित चतुर्वेदी के साथ की थी। शादी के समय रोहित का परिवार कोलकाता में रह रहा था। रोहित पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जबकि तन्वी भी नौकरी करती थी। परिवार के मुताबिक शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में दहेज को लेकर विवाद बढ़ने लगा। आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज के रूप में पांच लाख रुपये की मांग की जाने लगी।

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फ्लैट अपने नाम कराने का भी लगाया आरोप

पीड़िता के पिता रविकांत चतुर्वेदी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी पर बंगलूरू स्थित फ्लैट उसके नाम करने का दबाव बनाया जा रहा था। इसके अलावा उनके सेवानिवृत्त होने के बाद बेटी से 10 लाख रुपये की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया। परिवार का कहना था कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर तन्वी को लगातार परेशान किया जाता था। आरोप यह भी था कि उसके सांवले रंग को लेकर उसे ताने दिए जाते थे।

बेटी आगरा आई तो चलने की हालत में भी नहीं

मामले में पीड़ित परिवार ने बताया कि 16 जुलाई 2021 को वह अपनी बेटी तन्वी को आगरा लेकर आए थे। उस समय उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। इसके बाद मामले को लेकर कमला नगर थाने में शिकायत दी गई और पति समेत ससुराल के चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। एफआईआर में पति रोहित चतुर्वेदी, ससुर मधुर चतुर्वेदी, सास निशा और ननद सौम्या को आरोपी बनाया गया था।

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जारी हुआ गैर जमानती वारंट

विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानंद गुप्ता ने 4 अगस्त को मामले में आदेश सुनाया। उस समय पति, सास और ससुर अदालत में मौजूद नहीं थे। उनकी ओर से हाजिरी माफी के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। 10 अगस्त को तीनों अदालत में पेश हुए। इसके बाद अदालत ने मामले में दोषी पाए गए पति, सास और ससुर को सजा सुनाई।

किस धारा में कितनी सजा?

अदालत ने दहेज उत्पीड़न से संबंधित धारा 498ए के तहत रोहित चतुर्वेदी, मधुर चतुर्वेदी और निशा चतुर्वेदी को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मारपीट से संबंधित धारा 323 में तीनों को छह-छह महीने के साधारण कारावास और 500-500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसके अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 4 के तहत भी तीनों को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास और प्रत्येक पर दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

Location :  Agra

Published :  17 August 2026, 1:47 PM IST

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