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ग्रेटर नोएडा में 150 किसानों को पुलिस ने किया गिरफ्तार (Dynamite News)
Greater Noida: किसानों के आंदोलन को लेकर माहौल गरमा गया है। किसान संघर्ष मोर्चा ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए साफ कर दिया है कि गिरफ्तारियों और दबाव के बावजूद किसानों का आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। किसान नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने बातचीत से समाधान निकालने के बजाय पुलिस बल के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश की है।
किसान संघर्ष मोर्चा के मुताबिक आंदोलन को रोकने के लिए धरना स्थल को पूरी तरह पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। पूरे जनपद की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है। किसान नेताओं का दावा है कि अब तक करीब 150 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें 32 महिलाएं भी शामिल हैं। मोर्चा का कहना है कि अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है।
किसान नेताओं के अनुसार, सरकार की ओर से किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं के समाधान और 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट समेत प्रमुख मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। किसानों ने सरकार के आश्वासन पर भरोसा किया, लेकिन मांगों का समाधान नहीं हो सका। इसके बाद किसानों ने 30 जुलाई से आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया। किसान संघर्ष मोर्चा का आरोप है कि सरकार ने समाधान का रास्ता अपनाने के बजाय पुलिस कार्रवाई का सहारा लिया।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष इंद्र प्रधान भी किसानों के आंदोलन में शामिल हुए और पुलिस कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने सरकार से अपील की कि दमन और गिरफ्तारियों के बजाय किसानों के साथ बातचीत कर उनकी जायज मांगों का समाधान किया जाए।
किसान नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों की गिरफ्तारी के बावजूद किसानों का मनोबल मजबूत है। किसानों का कहना है कि उनकी लड़ाई शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।
किसान संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन से गिरफ्तार किसानों को तत्काल रिहा करने और पुलिस बल हटाकर बातचीत का रास्ता अपनाने की मांग की है। मोर्चा ने कहा कि किसानों की आवाज को गिरफ्तारियों के जरिए दबाया नहीं जा सकता। किसानों ने साफ किया है कि 10 प्रतिशत विकसित आबादी के प्लॉट समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
Location : Greater Noida
Published : 17 August 2026, 2:48 PM IST