Defence Tender Scam: सेना के टेंडर में रिश्वतकांड, CBI का कानपुर में छापा; कंपनी संचालक फरार

सेना को रक्षा सामग्री सप्लाई करने वाली कानपुर की कंपनी मेसर्स ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड से जुड़े कथित रिश्वतकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने कैंट स्थित करियप्पा मार्ग पर कंपनी संचालक के आवास पर छापेमारी की।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 21 May 2026, 2:45 PM IST
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Kanpur: सेना को रक्षा सामग्री सप्लाई करने वाली कानपुर की कंपनी मेसर्स ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड से जुड़े कथित रिश्वतकांड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने कैंट स्थित करियप्पा मार्ग पर कंपनी संचालक के आवास पर छापेमारी की। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस कार्रवाई के बाद सीबीआई टीम दिल्ली लौट गई। मामले में सेना की पूर्वी कमान में तैनात आयुध कोर के कर्नल हिमांशु बाली को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

50 लाख रिश्वत लेकर दिलाया गया रक्षा टेंडर!

सीबीआई के मुताबिक कर्नल हिमांशु बाली पर रक्षा टेंडर दिलाने के एवज में 50 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है। जांच एजेंसी ने दिल्ली में दर्ज मुकदमे में कानपुर की मेसर्स ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड, उसके संचालक अक्षत अग्रवाल, उनके पिता मयंक अग्रवाल समेत छह लोगों को आरोपी बनाया है। आरोप है कि कंपनी सेना के अधिकारियों से सांठगांठ कर टेंडर हासिल करती थी और निविदा प्रक्रिया में हेराफेरी कर बढ़े हुए बिलों का भुगतान कराया जाता था।

कोलकाता बैठक के बाद मिला टेंडर

CBI जांच में सामने आया है कि 22 अप्रैल को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में कर्नल हिमांशु बाली और कंपनी संचालक अक्षत अग्रवाल के बीच बैठक हुई थी। इसी मुलाकात में कथित तौर पर रक्षा टेंडर की शर्तें और रिश्वत की रकम तय हुई। एजेंसी का दावा है कि इसके दो दिन बाद संबंधित टेंडर कंपनी को आवंटित कर दिया गया।

हवाला नेटवर्क से पहुंचाई जानी थी रिश्वत

जांच एजेंसी के अनुसार 16 मई को कर्नल बाली ने रिश्वत की रकम दिल्ली-एनसीआर पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम पहुंचाने की तैयारी की गई। सीबीआई का कहना है कि 18 मई को चांदनी चौक से करीब 50 लाख रुपये हवाला के माध्यम से भेजे जाने थे। इस मामले में दिल्ली निवासी नरेश पाल और आशुतोष शुक्ला को भी आरोपी बनाया गया है।

छापेमारी के दौरान नहीं मिले पिता-पुत्र

बुधवार दोपहर करीब 12 बजे तीन गाड़ियों से पहुंची सीबीआई टीम ने करियप्पा मार्ग स्थित आवास पर दस्तावेजों की जांच की। हालांकि मयंक अग्रवाल और अक्षत अग्रवाल मौके पर नहीं मिले। इसके बाद अधिकारियों ने परिवार के सदस्य मनीष अग्रवाल से पूछताछ की और कंपनी से जुड़े दस्तावेज खंगाले। जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

भ्रष्टाचार और साजिश की धाराओं में केस दर्ज

CBI ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 9 और 10 के साथ आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब एजेंसी रक्षा टेंडर प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और हवाला नेटवर्क के अन्य कनेक्शन की जांच कर रही है।

तीन दशक पुरानी कंपनी पर पहली बार गंभीर आरोप

ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड की शुरुआत करीब 30 साल पहले कानपुर के शारदा नगर इलाके से हुई थी। कंपनी पहले सेना से जुड़े छोटे उत्पादों की सप्लाई करती थी और बाद में बुलेटप्रूफ जैकेट व फाइबर टेक्सटाइल निर्माण में उतरी। शहर के उद्योग जगत में मयंक अग्रवाल और उनके बेटे अक्षत अग्रवाल को उभरते उद्यमियों के रूप में देखा जाता रहा है। हालांकि अब पहली बार कंपनी का नाम इतने बड़े विवाद में सामने आया है।

Location :  kanpur

Published :  21 May 2026, 2:45 PM IST

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