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अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लंबे संदेश के जरिए पीडीए समाज से वोट और नागरिक अधिकारों की रक्षा की अपील की है। उन्होंने ‘पीडीए प्रहरी’ को हर बूथ पर मतदाता सूची की गहन जांच करने का निर्देश दिया। सपा प्रमुख ने वोट कटने को संविधान, आरक्षण और भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव
Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक विस्तृत और कड़े शब्दों में लिखा गया संदेश जारी करते हुए मतदाताओं, विशेषकर ‘पीडीए समाज’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) से अपने वोट और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने ‘पीडीए प्रहरी’ को हर बूथ पर गहन जांच-पड़ताल करने और यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि एक भी वोट न कटने पाए।
अखिलेश यादव ने अपने संदेश में कहा कि तमाम प्रयासों के बावजूद पीडीए समाज के करोड़ों वोट पहले ही काटे जा चुके हैं। ऐसे में अब ‘पीडीए प्रहरी’ की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने हर बूथ पर वोटर लिस्ट की जांच करने, मतदाताओं को जागरूक करने और किसी भी तरह की साजिश को नाकाम करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि “एक भी वोट न कटे, एक भी वोट न घटे” यह केवल नारा नहीं, बल्कि नागरिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प है।
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची में नाम होने को नागरिकता की बुनियादी पहचान बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वोटर लिस्ट से नाम कटता है तो भविष्य में इसे आधार बनाकर सरकार काले कानून ला सकती है। ऐसे कानूनों के जरिए राशन कार्ड, सरकारी योजनाएं, जाति प्रमाणपत्र, आरक्षण, नौकरी, बैंक खाते, बीमा, ड्राइविंग लाइसेंस, जमीन-जायदाद और यहां तक कि घर-मकान से भी बेदखली का खतरा पैदा हो सकता है।
वोटर लिस्ट पर बड़ा सवाल, अखिलेश यादव बोले- डबल इंजन नहीं, डबल ब्लंडर सरकार
अपने संदेश में अखिलेश यादव ने मतदाताओं से अपील की कि वे वोटर आईडी को ही अपना नागरिक आईडी मानकर उसकी सुरक्षा करें। उनका कहना था कि वोटर लिस्ट में नाम होना ही यह प्रमाणित करता है कि व्यक्ति इस देश का नागरिक है और उसके अधिकार सुरक्षित हैं। उन्होंने आशंका जताई कि वोट कटने की स्थिति में लोगों को उनके ही देश में बाहरी साबित किया जा सकता है।
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्विरोध चुनाव कराने से लेकर वोट कटवाने तक, हर तरीका अपनाया जा सकता है। उनका दावा था कि सरकार का असली मकसद चुनाव जीतकर भ्रष्टाचार करना और जल, जंगल, जमीन पर कब्जा जमाना है।
सपा प्रमुख ने कहा कि वोट बचाने का अर्थ केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि संविधान, आरक्षण और नौकरी के अधिकारों की रक्षा करना भी है। उन्होंने चेताया कि यदि वर्चस्ववादी ताकतें अपनी मनमर्जी की सरकार बनाने में सफल हो गईं तो संविधान को ही कमजोर या खत्म किया जा सकता है, जो गरीब, शोषित और वंचित वर्गों की ढाल है।
अखिलेश यादव ने पीडीए समाज से एकजुट होकर सोचने और कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब वोट डालने का अधिकार होने के बावजूद इतना उत्पीड़न हो रहा है, तो यदि यह अधिकार भी छिन गया तो हालात और भयावह हो सकते हैं। इसलिए हर सदस्य को अपना वोट बनवाने और उसकी रक्षा करने के लिए आगे आना होगा।