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खुर्जा जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। ऑपरेशन मातृत्व शक्ति के तहत RPF की टीम ने ट्रेन में प्रसव के बाद जच्चा और नवजात शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया।
RPF ने जच्चा-बच्चा को समय पर पहुंचाया अस्पताल
Bulandshahr: खुर्जा जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। ऑपरेशन मातृत्व शक्ति के तहत RPF की टीम ने ट्रेन में प्रसव के बाद जच्चा और नवजात शिशु को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया।
दिनांक 05 जनवरी 2026 को खुर्जा जंक्शन आरपीएफ को सूचना प्राप्त हुई कि गाड़ी संख्या 15565 के कोच नंबर S-6 में एक महिला यात्री ने ट्रेन के दौरान बच्चे को जन्म दिया है। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
सूचना पर उप निरीक्षक आर. के. सिंह एवं महिला प्रधान आरक्षी रचना द्वारा ट्रेन को प्लेटफार्म नंबर 02 पर अटेंड किया गया। कोच नंबर S-6 की बर्थ संख्या 37 पर यात्रा कर रही महिला यात्री निभा कुमारी को प्रसव के बाद गंभीर अवस्था में पाया गया। नवजात शिशु अभी भी मां की नाल से जुड़ा हुआ था, जिससे तत्काल मेडिकल सहायता की आवश्यकता स्पष्ट थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ द्वारा बिना देरी किए एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया। आरपीएफ और अन्य रेलवे कर्मचारियों के सहयोग से जच्चा और बच्चा को अत्यंत सावधानीपूर्वक ट्रेन से उतारा गया और एम्बुलेंस के माध्यम से सरकारी अस्पताल जटिया भेजा गया।
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महिला यात्री को उनके पति रणजीत दुबे, पुत्र श्री झमन दुबे, निवासी देरुरिया, जिला शिवान (बिहार) के साथ अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने मां और नवजात शिशु (लड़का) को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान की। डॉक्टरों के अनुसार महिला और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
बताया गया कि निभा कुमारी अपने पति के साथ शिवान से गाजियाबाद की यात्रा कर रही थीं। रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू होने के कारण ट्रेन में ही डिलीवरी हो गई।
गौरतलब है कि रेलवे सुरक्षा बल “सेवा ही संकल्प” मंत्र के साथ यात्रियों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। गर्भवती महिलाओं की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन मातृत्व शक्ति चलाया जा रहा है, जिसके तहत ऐसे आपात मामलों में त्वरित और मानवीय सहायता प्रदान की जाती है। RPF की इस तत्परता ने न सिर्फ एक मां और नवजात की जान सुरक्षित की, बल्कि यात्रियों के बीच सुरक्षा बल के प्रति भरोसे को भी मजबूत किया।