NEET पेपर लीक और छात्र उत्पीड़न के विरोध में सड़क पर उतरे युवा, डीएम कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

बेतिया में NEET पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में AISF और AIYF ने बड़ा प्रतिरोध मार्च निकाला। शहीद पार्क से डीएम कार्यालय तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कई अहम मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और सरकार को साफ चेतावनी भी दी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 24 July 2026, 5:48 PM IST
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Bettiah: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मुख्यालय बेतिया में शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के राज्यव्यापी अभियान के तहत नीट (NEET) पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करने और गिरफ्तारियों के विरोध में विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला गया।

शहीद पार्क से शुरू हुआ यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला पदाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती रही ताकि मार्च शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। बड़ी संख्या में शामिल छात्र और युवा कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और इसे लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

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प्रदर्शन में शामिल छात्र-युवा कार्यकर्ताओं का आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक मामले ने न केवल लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग करने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज, मुकदमे दर्ज करना और गिरफ्तारियां करना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

नारों से गूंजा पूरा शहर

प्रतिरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने "शिक्षा बचाओ-भविष्य बचाओ", "पेपर लीक बंद करो", "छात्रों पर दमन बंद करो", "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "गिरफ्तार छात्रों को रिहा करो" जैसे नारे लगाए। इन नारों के बीच छात्र-युवा नेताओं ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का समाधान करने के बजाय छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

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ये रहीं प्रमुख मांगें

AISF और AIYF नेताओं ने मांग की कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। साथ ही नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा करने, लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की। इसके अलावा देशभर में पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

छात्र-युवा नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और व्यापक और तेज किया जाएगा

Location :  Bettiah

Published :  24 July 2026, 5:48 PM IST

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