बस्ती में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़, आंगनबाड़ी नियुक्ति में सफाई कर्मचारी गिरफ्तार

बस्ती के कप्तानगंज ब्लॉक में आंगनबाड़ी सहायिका नियुक्ति में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया। एंटी करप्शन टीम ने सफाई कर्मचारी शिवमूरत को ₹25,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता की पत्नी की नियुक्ति के लिए रिश्वत मांगी जा रही थी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू हुई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 21 May 2026, 5:35 PM IST
google-preferred

Basti: बस्ती जिले के कप्तानगंज विकासखंड में आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति को लेकर रिश्वतखोरी का बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन टीम) ने कार्रवाई करते हुए एक सफाई कर्मचारी को 25,000 रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस घटना के बाद ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत शिकायतकर्ता विनय कुमार वर्मा, निवासी ग्राम बढ़या, थाना कप्तानगंज, की शिकायत से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी की आंगनबाड़ी सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने पूरे मामले का सत्यापन किया।

एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल

शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। इसी दौरान आरोपी शिवमूरत, पुत्र स्वर्गीय रामचंद्र, निवासी पोखरा बाजार, थाना नगर बस्ती को ₹25,000 रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। आरोपी वर्तमान में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था और ब्लॉक कप्तानगंज कार्यालय से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

ब्लॉक परिसर में मचा हड़कंप

जैसे ही गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू हुई, ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद कुछ कर्मचारियों और ग्राम प्रधानों ने इसका विरोध भी किया। इस दौरान परिसर का गेट बंद करने की कोशिश की गई, लेकिन एंटी करप्शन टीम ने स्थिति पर नियंत्रण रखते हुए आरोपी को अपने कब्जे में ले लिया।

बस्ती कोतवाली में मुकदमे की तैयारी

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बस्ती कोतवाली ले जाया गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया जा रहा है। आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी।

शुभेंदु अधिकारी के पूर्व PA मर्डर केस में बड़ा मोड़, बलिया का राज सिंह रिहा; बोला- ‘एनकाउंटर का डर था’

क्षेत्र में चर्चा का माहौल

इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि ऐसे भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है।

Location :  Basti

Published :  21 May 2026, 5:35 PM IST

Advertisement