Balrampur: महिला की शिकायत पर देरी पड़ गई भारी, गैंसड़ी थाने के उपनिरीक्षक निलंबित

बलरामपुर में महिला संबंधी शिकायत के निस्तारण में देरी का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गैंसड़ी थाने में जनसुनवाई अधिकारी के तौर पर तैनात उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

Balrampur: महिलाओं से जुड़े मामलों की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। गैंसड़ी थाने में जनसुनवाई अधिकारी के रूप में तैनात उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने निलंबित कर दिया है। जनसुनवाई के दौरान सामने आए महिला संबंधी अपराध के एक मामले में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाने और प्रकरण के निस्तारण में देरी का आरोप है।

विभाग में मची हलचल

पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विभाग में भी हलचल मच गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लेना होगा और खासकर महिला अपराध से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे उपनिरीक्षक

जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव गैंसड़ी थाने में जनसुनवाई प्रकोष्ठ का प्रभार संभाल रहे थे। इसी दौरान उनके पास महिला संबंधी अपराध से जुड़ा एक मामला निस्तारण के लिए पहुंचा था। आरोप है कि मामले की संवेदनशीलता के बावजूद इसके निस्तारण में अनावश्यक देरी हुई। शिकायत पर जिस तेजी से कार्रवाई की उम्मीद थी, वह नहीं हो सकी। मामला जब पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचा तो संबंधित कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।

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समीक्षा के बाद एसपी ने लिया बड़ा फैसला

प्राथमिक समीक्षा में उपनिरीक्षक की ओर से अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता और उदासीनता बरते जाने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

निलंबन के साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

महिला शिकायतों को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त

पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए साफ किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाना चाहिए। जनसुनवाई में आने वाले मामलों को सिर्फ दर्ज करना ही नहीं, बल्कि उनकी स्थिति और निस्तारण की लगातार निगरानी भी जरूरी है।

अधिकारियों ने मातहत पुलिसकर्मियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि पीड़ितों की शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाए। किसी मामले में जानबूझकर देरी, उदासीनता या लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

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जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल उपनिरीक्षक के निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में पूरे मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद विभाग की ओर से आगे की वैधानिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को समय पर सुनना और उनका समाधान करना है।

Location :  Balrampur

Published :  17 September 2026, 9:45 AM IST

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