हिंदी
Balrampur: मां की एक हल्की सी डांट के बाद घर से अचानक ओझल हुआ 10 साल का मासूम जब चार लंबे सालों के बाद दोबारा सामने आया, तो हर किसी का कलेजा भर आया। वक्त बीतने के साथ जहां उम्मीदें धुंधली पड़ने लगी थीं, वहीं पुलिस के अनवरत प्रयासों ने आखिरकार एक बेबस मां की सूनी गोद फिर से भर दी।
यह भावुक कर देने वाली दास्तान गोंडा और बलरामपुर के बीच के उस सफर से जुड़ी है, जहां 2022 में तुलसीपुर इलाके से एक बच्चा खेलते-खेलते एकाएक गायब हो गया था। दरअसल, मां से हुई मामूली कहासुनी के बाद वह मासूम चुपचाप घर से निकलकर रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन पकड़कर गोंडा चला गया।
वहां अपरिचित शहर में ओवरब्रिज के नीचे रोते बिलखते इस बच्चे पर दत्तनगर की एक निसंतान महिला की नजर पड़ी। ममता के वशीभूत होकर उस महिला ने बालक को अपने आंचल में जगह दी और आशीष नाम देकर अपनों की तरह परवरिश करने लगी।
दूसरी तरफ, पति के साये से महरूम हो चुकी मां रहीमा के लिए अपने लाल को तलाशना किसी चुनौती से कम न था। इस मुश्किल घड़ी में पुलिस प्रशासन ने जिम्मेदारी का हाथ थामा। बच्चे का सुराग लगाने के लिए पूर्वांचल के एक दर्जन जिलों में तलाश अभियान चलाया गया। पोस्टर, समाचार पत्रों और प्रादेशिक बाल सुरक्षा संगठनों की मदद से लगातार सुराग जुटाए जाते रहे।
पुलिस की यह लंबी पड़ताल आखिरकार रंग लाई, जब सुभागपुर स्टेशन के पास स्थित दत्तनगर कॉलोनी से उस बच्चे की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को अपनी अभिरक्षा में ले लिया। जब मां रहीमा ने सालों बाद अपने जिगर के टुकड़े को दोबारा देखा, तो उसके बहते आंसू और कांपते हाथ ही उसकी बेपनाह खुशी की गवाही दे रहे थे।
चार साल पुरानी यह दुखद कहानी आखिरकार एक मां और उसके बच्चे के मिलाप के साथ एक बेहद सुखद मोड़ पर खत्म हुई। फिलहाल, आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं ताकि बच्चे को आधिकारिक रूप से उसकी मां की आगोश में सौंपा जा सके।
Location : Balrampur
Published : 11 August 2026, 11:16 PM IST