दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने गया था 18 साल का छात्र, 24 घंटे बाद नदी से जो बाहर आया… उसे देख कांप उठी रूह!

बलिया के माल्देपुर गंगा घाट पर गुरुवार को दोस्तों संग नहाते समय डूबे 18 वर्षीय छात्र दीपू यादव का शव 24 घंटे बाद शुक्रवार सुबह बरामद हुआ। मृतक छात्र रामपुर उदयभान में किराए पर रहकर पढ़ता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार में मातम पसरा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 June 2026, 11:38 AM IST
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Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद दुखद और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शहर से सटे प्रसिद्ध माल्देपुर गंगा घाट पर स्नान करने गया एक 18 वर्षीय युवक गहरे पानी में समा गया। लगभग 24 घंटे तक चले लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद शुक्रवार की सुबह घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर पूरब दिशा में नदी की सतह पर युवक का बेजान शव उतराया हुआ मिला। शव के बाहर आते ही घाट पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

दोस्तों संग नहाने गया था छात्र, गहरे पानी में जाने से डूबा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान दीपू यादव (18 वर्ष) पुत्र शंकर यादव के रूप में हुई है। दीपू मूल रूप से शहर कोतवाली क्षेत्र के शिवपुर दियरी नंबर वन का निवासी था, लेकिन वह वर्तमान में बलिया शहर के ही रामपुर उदयभान मोहल्ले में एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था और यहीं से अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। गुरुवार की सुबह वह अपने कुछ दोस्तों के साथ घूमते हुए माल्देपुर गंगा घाट पर स्नान करने के लिए गया था। नदी में नहाते समय दीपू का संतुलन बिगड़ गया और वह दोस्तों के देखते ही देखते गहरे पानी की ओर चला गया और तेज धारा में डूब गया।

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24 घंटे बाद मिला शव, बुझ गया घर का चिराग

गुरुवार को हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों और पुलिस प्रशासन ने नदी में काफी खोजबीन की थी, लेकिन देर शाम तक दीपू का कुछ पता नहीं चल सका था। शुक्रवार की सुबह जब स्थानीय लोगों ने घाट से कुछ दूरी पर एक शव को तैरते हुए देखा, तो हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया, जिसकी शिनाख्त दीपू के रूप में हुई। पढ़ाई करने आए होनहार बेटे की मौत की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुँची, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

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घाटों पर सुरक्षा मानकों और चेतावनी बोर्ड की कमी

 माल्देपुर गंगा घाट पर हुआ यह हादसा स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रसिद्ध घाट पर हर दिन सैकड़ों लोग और छात्र स्नान करने आते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा यहाँ गहरे पानी को चिन्हित करने के लिए कोई बैरिकेडिंग या जल-स्तर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अलावा, घाटों पर स्थायी रूप से किसी लाइफगार्ड या जल पुलिस की तैनाती भी नहीं है, जिससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं। अगर समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, तो कई मासूमों की जान बचाई जा सकती है।

Location :  Ballia

Published :  19 June 2026, 11:38 AM IST

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