नोएडा-ग्रेटर नोएडा में एंबुलेंस को नहीं मिलेगा जाम, पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन फास्ट’, 24 घंटे मिलेगी मदद

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एंबुलेंस को जाम से निकालने के लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने ऑपरेशन फास्ट शुरू किया है। जानिए कैसे काम करेगी यह व्यवस्था और किस हेल्पलाइन नंबर पर मिलेगी 24 घंटे ट्रैफिक सहायता।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 31 October 2026, 11:57 AM IST
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Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर अब जाम की वजह से किसी गंभीर मरीज की जान खतरे में न पड़े, इसके लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने खास तैयारी की है। शहर में एंबुलेंस को रास्ता देने के लिए पुलिस ने 'ऑपरेशन फास्ट' शुरू किया है। इसके तहत एंबुलेंस को 24 घंटे ट्रैफिक सहायता मिलेगी। अगर कोई एंबुलेंस जाम में फंसती है या उसे अस्पताल तक पहुंचने के लिए ट्रैफिक पुलिस की मदद चाहिए तो एक फोन पर रास्ता खाली कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया है।

क्या है पुलिस का ऑपरेशन फास्ट?

गौतमबुद्ध नगर पुलिस की इस नई पहल का मकसद गंभीर मरीजों और सड़क हादसों में घायल लोगों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में शुरू किए गए इस ऑपरेशन के तहत ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम में एक विशेष एंबुलेंस ट्रैफिक सहायता सेल बनाया जा रहा है। यह सेल एंबुलेंस की लोकेशन और उसके रूट की जानकारी लेकर आगे तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को अलर्ट करेगा। एंबुलेंस चालक, अस्पताल का कंट्रोल रूम या इमरजेंसी डिस्पैचर हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके मदद मांग सकेगा। इसके लिए एंबुलेंस की मौजूदा लोकेशन, मरीज को जिस अस्पताल में ले जाना है उसका पता और चुने गए रास्ते की जानकारी देनी होगी।

एक फोन पर खाली होगा एंबुलेंस का रास्ता

हेल्पलाइन पर सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस सक्रिय हो जाएगी। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक क्लियर कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक सिग्नल में कुछ समय के लिए बदलाव भी किया जा सकेगा। दूसरे रास्तों से आने वाले वाहनों को रोककर एंबुलेंस के निकलने के लिए जगह बनाई जाएगी।

इतना ही नहीं, शहर में लगे पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए भी लोगों से एंबुलेंस को रास्ता देने की अपील की जाएगी। एंबुलेंस जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, अगले चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को भी अलर्ट किया जाएगा। इससे एंबुलेंस को हर चौराहे पर बार-बार जाम में फंसने से बचाया जा सकेगा।

ट्रायल में 12 किलोमीटर का सफर 10 मिनट में पूरा

ऑपरेशन फास्ट को लागू करने से पहले पुलिस ने इसका ट्रायल भी किया। व्यस्त ट्रैफिक के दौरान एक खाली एंबुलेंस को चिल्ला बॉर्डर से मैक्स अस्पताल और फोर्टिस अस्पताल तक ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, करीब 12 किलोमीटर का सफर लगभग 10 मिनट में पूरा किया गया। हालांकि, यह ट्रायल खाली एंबुलेंस के साथ हुआ था। असल इमरजेंसी में मरीज को लेकर चलने वाली एंबुलेंस का समय ट्रैफिक और रास्ते की स्थिति पर निर्भर करेगा। पुलिस का कहना है कि बेहतर तालमेल से सामान्य यातायात को ज्यादा प्रभावित किए बिना एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया जा सकता है।

एंबुलेंस की मदद के लिए इस नंबर पर करें कॉल

इस व्यवस्था से सरकारी और निजी अस्पतालों, एंबुलेंस संचालकों और इमरजेंसी डिस्पैच सेंटरों को जोड़ा गया है। अस्पतालों को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों की भी पहचान की गई है।

एंबुलेंस ट्रैफिक सहायता हेल्पलाइन

गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने आम वाहन चालकों से भी अपील की है कि सड़क पर एंबुलेंस दिखाई देने पर तुरंत उसे रास्ता दें। चौराहों पर वाहन खड़ा करके रास्ता बंद न करें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें। पुलिस की कोशिश है कि किसी मरीज की जिंदगी सिर्फ इसलिए खतरे में न पड़े क्योंकि एंबुलेंस को जाम में रास्ता नहीं मिल पाया।

Location :  Noida

Published :  31 October 2026, 11:57 AM IST

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