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अखिलेश यादव की पोस्ट के बाद JPNIC के बाहर से हटी बैरिकेडिंग
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को केंद्र के बाहर भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बैरिकेडिंग हटाई गई। यह घटनाक्रम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट के बाद सामने आया। तय कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे अखिलेश यादव जेपीएनआईसी पहुंचे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।
जेपीएनआईसी परिसर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की तस्वीरें साझा करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "आजकल वो ही रखवाले हैं, जिनकी सोच पर लगे ताले हैं। जिन जय प्रकाश नारायण जी ने स्वतंत्रता का आंदोलन लड़ा, आज भाजपा राज में वो ही कैद से कर दिए गए हैं।"
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला करते हुए उसके नेताओं की तुलना अंग्रेजों से भी खराब बताते हुए टिप्पणी की। उनकी इस पोस्ट के बाद जेपीएनआईसी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो गई।
आजकल वो ही ‘रखवाले’ हैं जिनकी सोच पर लगे ताले हैं जिन जय प्रकाश नारायण जी ने स्वतंत्रता का आंदोलन लड़ा, आज भाजपा राज में वो ही क़ैद से कर दिये गये हैं। दुनिया में किसी भी दुर्दांत तानाशाह तक ने शायद कभी किसी महापुरुष की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पर, इस तरह की पाबंदी नहीं लगाई होगी। भाजपाई तो अंग्रेजों से भी गये गुजरे हैं।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 10, 2026
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घटनाक्रम के अनुसार, रविवार सुबह जेपीएनआईसी के सामने लगाई गई बैरिकेडिंग हटा दी गई। इसके बाद अखिलेश यादव केंद्र पहुंचे। मुख्य गेट खुलने के बाद उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जेपीएनआईसी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद बना हुआ था। ऐसे में अखिलेश यादव के पहुंचने और प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के घटनाक्रम पर सबकी नजर रही।
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जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को 30 साल की लीज पर दिए जाने का मुद्दा भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही है, जबकि जेपीएनआईसी से जुड़े फैसलों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।
रविवार का घटनाक्रम एक बार फिर सपा और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव को सामने लाया। जेपीएनआईसी की स्थिति, परिसर तक पहुंच और लीज से जुड़े मुद्दों पर आगे भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।
Location : Lucknow
Published : 11 October 2026, 2:27 PM IST