आजकल वो ही रखवाले हैं, जिनकी सोच पर लगे ताले हैं! JPNIC गेट खुलते ही अखिलेश का सरकार पर तीखा हमला, मचा सियासी घमासान

अखिलेश यादव की एक्स पोस्ट के बाद लखनऊ के जेपीएनआईसी के बाहर बैरिकेडिंग हटाई गई। आखिर क्या है 30 साल की लीज का विवाद, जिस पर सपा और भाजपा आमने-सामने हैं?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 11 October 2026, 2:27 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई। रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को केंद्र के बाहर भारी पुलिस सुरक्षा के बीच बैरिकेडिंग हटाई गई। यह घटनाक्रम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट के बाद सामने आया। तय कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे अखिलेश यादव जेपीएनआईसी पहुंचे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर सरकार को घेरा

जेपीएनआईसी परिसर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की तस्वीरें साझा करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "आजकल वो ही रखवाले हैं, जिनकी सोच पर लगे ताले हैं। जिन जय प्रकाश नारायण जी ने स्वतंत्रता का आंदोलन लड़ा, आज भाजपा राज में वो ही कैद से कर दिए गए हैं।"

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला करते हुए उसके नेताओं की तुलना अंग्रेजों से भी खराब बताते हुए टिप्पणी की। उनकी इस पोस्ट के बाद जेपीएनआईसी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी फिर तेज हो गई।

 

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बैरिकेडिंग हटने के बाद खोला गया मुख्य गेट

घटनाक्रम के अनुसार, रविवार सुबह जेपीएनआईसी के सामने लगाई गई बैरिकेडिंग हटा दी गई। इसके बाद अखिलेश यादव केंद्र पहुंचे। मुख्य गेट खुलने के बाद उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

जेपीएनआईसी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर पहले से ही राजनीतिक विवाद बना हुआ था। ऐसे में अखिलेश यादव के पहुंचने और प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के घटनाक्रम पर सबकी नजर रही।

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30 साल की लीज को लेकर भी विवाद

जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को 30 साल की लीज पर दिए जाने का मुद्दा भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाजवादी पार्टी इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही है, जबकि जेपीएनआईसी से जुड़े फैसलों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

रविवार का घटनाक्रम एक बार फिर सपा और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव को सामने लाया। जेपीएनआईसी की स्थिति, परिसर तक पहुंच और लीज से जुड़े मुद्दों पर आगे भी राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

Location :  Lucknow

Published :  11 October 2026, 2:27 PM IST

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