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यूपी रोडवेज हादसे के घायलों का फूटा दर्द
Karhal: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर करहल के पास हुए भीषण बस हादसे के बाद अब पीड़ित परिवारों का दर्द और नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। हादसे में घायल गोरखपुर के एक ही परिवार से जुड़े चार लोगों ने योगी सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि हादसे के बाद अब तक कोई सरकारी प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा और न ही राहत या आर्थिक सहायता को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था दिखाई दे रही है। घायलों का आरोप है कि यह कोई निजी बस नहीं बल्कि सरकारी रोडवेज बस का हादसा था, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि पीड़ितों की मदद करे और उन्हें बेहतर इलाज उपलब्ध कराए।
सैफई अस्पताल में भर्ती घायल आशा देवी और उनके पति रामदुलारे ने दर्द भरी आवाज में कहा कि हादसे ने उनके पूरे परिवार को संकट में डाल दिया है। आशा देवी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि उनके पति रामदुलारे का पैर टूट गया है और दूसरे पैर में भी चोट बताई जा रही है। दोनों इस समय इलाज के लिए सैफई में भर्ती हैं।
परिवार का कहना है कि वे मजदूरी कर अपना जीवन चलाते हैं और अब इलाज के बढ़ते खर्च ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। रामदुलारे ने कहा कि अगर हादसा सरकारी रोडवेज बस का था तो सरकार को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनका कहना है कि हादसे के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है और अब आर्थिक हालात भी बिगड़ते जा रहे हैं।
करहल एक्सप्रेसवे हादसे के बाद अस्पताल पर गंभीर आरोप, “पैसे नहीं तो मरीज ले जाओ”
घायल परिवारों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर या आसपास के किसी अस्पताल में शिफ्ट कराया जाए। उनका कहना है कि सैफई में इलाज के दौरान परिवार वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूर होने की वजह से परिजन लगातार साथ नहीं रह पा रहे और खाने-पीने से लेकर रहने तक की समस्या सामने आ रही है। परिवार के लोगों का कहना है कि अगर उन्हें गोरखपुर शिफ्ट कर दिया जाए तो रिश्तेदार और परिवार के लोग बेहतर तरीके से देखभाल कर सकेंगे।
पीड़ित परिवारों ने योगी सरकार से आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि हादसे ने पूरे परिवार को आर्थिक संकट में डाल दिया है। मजदूरी कर परिवार चलाने वाले लोगों के लिए लंबे इलाज का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो गया है। परिवारों का कहना है कि सरकार को सड़क हादसे के पीड़ितों के लिए तुरंत राहत राशि जारी करनी चाहिए। घायलों के परिजनों का कहना है कि इलाज के साथ-साथ दवाइयों और रोजमर्रा के खर्च ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इस हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठने लगे हैं। कुछ परिवारों ने आरोप लगाया कि इलाज और ऑपरेशन के नाम पर पैसों की बात की जा रही है। कई परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली या गोरखपुर रेफर किए जाने की मांग भी की है। परिवारों का कहना है कि हादसे के बाद जिस तरह की मदद मिलनी चाहिए थी, वैसी संवेदनशीलता अभी तक नजर नहीं आई है।
इस दर्दनाक हादसे में घायल 7 वर्षीय बच्ची छाया अभी भी ICU में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं उसकी मां नीलम भी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। परिवार के लोग लगातार दोनों के ठीक होने की दुआ कर रहे हैं।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे हादसे के बाद पीड़ित परिवार लगातार सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इन परिवारों की मांगों पर ध्यान देगी और उन्हें राहत, बेहतर इलाज व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगी या नहीं।
Location : Karhal
Published : 23 May 2026, 5:06 PM IST