कुशीनगर में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक ने पडरौना स्थित गैस एजेंसी का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच की गई। जिलाधिकारी ने लोगों को आश्वस्त किया कि जिले में गैस और पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है और कालाबाजारी या ओवररेटिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण
Kushinagar: कुशीनगर में गैस और पेट्रोल की सप्लाई को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर अचानक पुलिस अधीक्षक के साथ पडरौना स्थित गैस एजेंसी पहुंच गए। अचानक पहुंचे अधिकारियों को देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों और एजेंसी संचालकों में हलचल मच गई। स्टॉक, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं की बारीकी से जांच की गई। इस निरीक्षण के दौरान प्रशासन ने साफ कर दिया कि जिले में गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी तरह की कालाबाजारी या ओवररेटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में घरेलू गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई को लेकर शनिवार को प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखाई दिया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर पुलिस अधीक्षक के साथ अचानक पडरौना स्थित एक गैस एजेंसी पहुंचे और वहां चल रही व्यवस्था का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गैस सिलेंडरों के स्टॉक, उनकी सप्लाई व्यवस्था और वितरण प्रक्रिया की गहन जांच की। यह भी देखा गया कि उपभोक्ताओं को गैस किस तरह उपलब्ध कराई जा रही है और कहीं किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हो रही।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद आम लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने उपभोक्ताओं से पूछा कि उन्हें गैस या पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही। कुछ लोगों ने अपनी छोटी-मोटी समस्याएं भी अधिकारियों के सामने रखीं, जिन्हें सुनकर मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले के हर नागरिक को घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बिना किसी बाधा के मिलती रहे।
जिलाधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को गैस, पेट्रोल या डीजल की उपलब्धता को लेकर कोई समस्या आती है तो वह सीधे प्रशासन के कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलने के बाद तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने साफ शब्दों में कहा कि यदि कहीं भी गैस या पेट्रोल की कालाबाजारी, ओवररेटिंग या उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रशासन ऐसे मामलों में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने अंत में जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा गैस या पेट्रोल खरीदने लगते हैं, जिससे कृत्रिम कमी की स्थिति बन जाती है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा को लेकर कुशीनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। शनिवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने पुलिस अधीक्षक के साथ पडरौना स्थित उदित नारायण पीजी कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। परीक्षा केंद्र के बाहर और अंदर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को भी परखा गया।
जिलाधिकारी ने किया आकस्मिक निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले परीक्षा केंद्र में अभ्यर्थियों के प्रवेश की व्यवस्था को देखा। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी उम्मीदवारों की पहचान और दस्तावेजों की सही तरीके से जांच की जा रही है या नहीं। इसके साथ ही सुरक्षा प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। पुलिस बल की तैनाती, परीक्षा केंद्र के आसपास की निगरानी और प्रवेश द्वार पर बनाए गए सुरक्षा चेकपॉइंट का निरीक्षण किया गया।
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जिलाधिकारी ने परीक्षा केंद्र के अंदर जाकर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि सभी कक्षों में कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हैं और उनकी निगरानी लगातार की जा रही है। इसके अलावा कक्षवार बैठने की व्यवस्था, अभ्यर्थियों के बीच उचित दूरी और परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने की व्यवस्था को भी देखा गया। अधिकारियों ने यह भी जांचा कि परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं भर्ती बोर्ड और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ही लागू की गई हैं या नहीं।