हिंदी
बदायूं में HPCL प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के मामले पर सपा सांसद आदित्य यादव ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अगर पहले दी गई तहरीर पर कार्रवाई होती तो घटना टाली जा सकती थी।
समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव
Badaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं (Badaun) जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Hindustan Petroleum Corporation Limited) प्लांट के दो अधिकारियों की हत्या के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के बदायूं से सांसद आदित्य यादव (Aditya Yadav) ने प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सांसद ने इस मामले को प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।
सपा सांसद आदित्य यादव बड़ी ज़ियारत स्थित बड़े सरकार की दरगाह पर नगर पालिका द्वारा आयोजित रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीड़ित अधिकारियों ने पहले ही पुलिस और जिला प्रशासन को तहरीर दी थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना था कि अगर उस समय प्रशासन ने शिकायत पर कार्रवाई की होती और अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराई होती तो शायद यह दुखद घटना नहीं होती।
सांसद आदित्य यादव (Aditya Yadav) ने कहा कि तहरीर देने के बावजूद अधिकारियों को सुरक्षा नहीं दी गई, जो प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, क्योंकि लापरवाही के कारण कई बार गंभीर घटनाएं हो जाती हैं।
इस दौरान सांसद ने गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना था कि सरकार को गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहिए ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे घरेलू स्तर पर दिक्कतें बढ़ रही हैं।
सपा सांसद ने कहा कि अगर इस पूरे मामले में किसी को राजनीतिक संरक्षण मिला है तो इसका जवाब जनता आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और वह समय आने पर अपना फैसला जरूर सुनाती है।