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पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के लिए 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार का सफल परीक्षण किया गया। यह देश में अपने स्तर का पहला ट्रायल माना जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रा समय घटेगा, बल्कि सुरक्षा और सुविधा भी बेहतर होगी।
PDDU-धनबाद रूट पर 180 स्पीड ट्रायल सफल (Image Source: Google)
Chandauli: उत्तर प्रदेश के चंदौली स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) रेल मंडल ने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नई उपलब्धि दर्ज की है। बुधवार को यहां सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के परिचालन के लिए 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह अपने स्तर का देश में पहला सफल परीक्षण माना जा रहा है।
यह ट्रायल डीडीयू जंक्शन से गया और प्रधानखांटा (धनबाद) रेलखंड पर किया गया। मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस विशेष ट्रेन पहले डाउन दिशा में डीडीयू से गया होते हुए प्रधानखांटा तक गई और फिर अप दिशा में वापस डीडीयू जंक्शन लौटी। पूरे ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति, ट्रैक की स्थिति और सिग्नलिंग सिस्टम की बारीकी से जांच की गई।
रेलवे द्वारा इस रूट पर 180 किमी प्रति घंटे की गति हासिल करने के लिए बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर उन्नयन कार्य किया गया है। डीडीयू, गया और प्रधानखांटा रेलखंड को हाई स्पीड के लिए तैयार किया गया है, जिसमें ट्रैक मजबूती, सिग्नलिंग सुधार और अन्य तकनीकी अपग्रेड शामिल हैं।
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पूर्व मध्य रेल के अधिकारियों का कहना है कि इस परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ट्रैक और तकनीकी संसाधन तेज गति की ट्रेनों के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। ट्रायल के नतीजे बेहद सकारात्मक रहे हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि भविष्य में इस रूट पर तेज गति से ट्रेन संचालन संभव है।
रेलवे ने इस ट्रायल के दौरान और इसके बाद सुरक्षा को लेकर विशेष जोर दिया है। आम जनता और यात्रियों से अपील की गई है कि वे रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखें और किसी भी अनधिकृत स्थान से ट्रैक पार न करें। समपार फाटकों पर दिए गए संकेतों का पालन करना जरूरी बताया गया है।
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स्टेशनों पर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज का ही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। रेलवे का मानना है कि तेज रफ्तार के साथ-साथ सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
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