यमुना एक्सप्रेसवे पर 19 लोगों की मौत…लेकिन 18 दिन बाद भी एक ही सवाल, कहां है पार्वती के अवशेष

यमुना एक्सप्रेसवे के बलदेव क्षेत्र में हुए भीषण बस हादसे में 19 मृतकों की पहचान हो चुकी है, लेकिन महिला पार्वती और कंडक्टर गोलू की मौत अब भी रहस्य बनी हुई है। जांच के लिए प्रशासन ने विशेष कमेटी गठित की है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 January 2026, 2:18 PM IST
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Mathura: यमुना एक्सप्रेसवे पर 16 दिसंबर की सुबह जो हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। घने कोहरे में शुरू हुआ हादसा कुछ ही मिनटों में आग का ऐसा गोला बन गया, जिसमें जिंदगियां जलकर राख हो गईं। 19 लोगों की मौत के बाद भी दो नाम ऐसे हैं, जिनकी मौत की पुष्टि आज तक नहीं हो सकी। महिला पार्वती और बस कंडक्टर गोलू की मौत अब भी एक अनसुलझी गुत्थी बनी हुई है, जिसे सुलझाने के लिए प्रशासन को विशेष कमेटी गठित करनी पड़ी है।

हादसे की भयावह तस्वीर

मथुरा के बलदेव क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 127 पर 16 दिसंबर की सुबह घने कोहरे के बीच पहले तीन कारें आपस में टकराईं। इसके बाद सात डबल डेकर बसें और आंबेडकर नगर की एक रोडवेज बस एक-दूसरे से भिड़ गईं। टक्कर के तुरंत बाद आग लग गई और पूरा एक्सप्रेस-वे चीख-पुकार से भर गया। इस भीषण हादसे में एक कार सवार समेत 19 लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि करीब 100 यात्री घायल हो गए।

जले शव और पहचान की मुश्किल

हादसे के बाद शव इतनी बुरी तरह जल चुके थे कि कई बसों में यात्रियों के सिर्फ जले हुए अवशेष ही मिल सके। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से 18 अवशेष एकत्रित किए। लापता यात्रियों के परिजनों के डीएनए नमूने लेकर आगरा और लखनऊ की फोरेंसिक लैब में जांच कराई गई। जांच के बाद 19 मृतकों की पहचान तो हो गई, लेकिन दो नमूने किसी से मेल नहीं खा सके।

पार्वती और गोलू की अधूरी कहानी

हादसे में राठ, हमीरपुर की रहने वाली पार्वती अपने दो बच्चों के साथ बस में सफर कर रही थीं। आग लगते ही उन्होंने दोनों बच्चों को बस से बाहर धकेल दिया और खुद आग की लपटों में घिर गईं। वहीं दूसरी बस में बोनट पर सो रहे बाड़ी, धौलपुर निवासी कंडक्टर गोलू का भी हादसे के बाद कोई पता नहीं चला। डीएनए जांच में दोनों के अवशेष नहीं मिल सके, जिससे उनकी मौत की पुष्टि नहीं हो पा रही है।

जांच के लिए गठित कमेटी

पुलिस जांच के बाद अब प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। इसमें मजिस्ट्रेट आदेश कुमार, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी, सीओ महावन संजीव कुमार राय और एआरटीओ राजेश राजपूत शामिल हैं। यह समिति साक्ष्य संकलन कर यह पता लगाएगी कि पार्वती और गोलू की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और उनके अवशेष क्यों नहीं मिल सके। एसपी ग्रामीण सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि दोनों के परिजन लगातार संपर्क में हैं और हर पहलू की जांच की जा रही है।

फोरेंसिक वैज्ञानिकों को मिलेगा सम्मान

इस बस हादसे में डीएनए जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने वाले आगरा की फोरेंसिक लैब के वैज्ञानिकों को पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा। वैज्ञानिकों ने बेहद जटिल जांच को कम समय में पूरा कर पुलिस को अहम सहयोग दिया।

Location : 
  • Mathura

Published : 
  • 3 January 2026, 2:18 PM IST

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