गोरखपुर में युवक के हत्यारोपी ने जानिये पुलिस को कैसे दिया चकमा, देवरिया में गैंगस्टर के सरेंडर की कहानी

डीएन संवाददाता

गोरखपुर में अभिषेक सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी मानवेंद्र सिंह ने देवरिया न्यायालय के कोर्ट में सरेंडर किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

मुख्य आरोपी मानवेन्द्र सिंह (फाइल)
मुख्य आरोपी मानवेन्द्र सिंह (फाइल)


गोरखपुर: अभिषेक सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी मानवेंद्र सिंह ने आज गुरुवार को देवरिया न्यायालय के कोर्ट नंबर-17 में सरेंडर कर दिया। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कुछ दिन पहले बेलघाट के सोपाई गांव में एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का मुख्य आरोपी मानवेंद्र सिंह था। हत्या के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी लेकिन आज आरोपी ने देवरिया न्यायालय में सरेंडर कर दिया।

पुलिस ने बताया कि मानवेंद्र सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें | गोरखपुर में एक अपराधी दुराचारी घोषित, खुली हिस्ट्रीशीट, जानिए पूरा कला चिट्ठा

मानवेन्द्र सिंह का आपराधिक इतिहास
मानवेन्द्र सिंह के खिलाफ़ शाहपुर थाना क्षेत्र में हत्या का मुकदमा दर्ज है। उस पर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई थी। गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। जुलाई 2023 में स्वाट टीम ने उसे गिरफ्तार किया था।

अभिषेक की हत्या के बाद मानवेन्द्र का अपराधिक इतिहास सामने आया तबसे बेलघाट पुलिस कटघरे में खड़ी नजर आ रही है। 

मानवेन्द्र सिंह की मनबढ़ों में गिनती होती थी। वह अपनी दबंगई जताने के लिए छात्रसंघ चुनाव भी लड़ चुका है हालांकि जीत नहीं पाया था। उसके साथ मनबढ़ किस्म के युवकों की फौज रहती थी।

यह भी पढ़ें | Gorakhpur News: गोरखपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई ये सजा

8 अप्रैल 2018 की रात करीब 11.30 बजे उसने मोहद्दीपुर निवासी संतोष साहनी उर्फ छोटू की गोली मारकर हत्या कर लाश चारफाटक ओवरब्रिज के पास फेंक दी थी। विवेचना में सोपई घाट थाना बेलघाट निवासी मानवेन्द्र सिंह उर्फ मोनू का नाम प्रकाश में आया था। 

बाद में उसके ऊपर गैंगस्टर की कार्रवाई हुई जिसमें फरार होने पर उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा गया था। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि कमीशन के पांच लाख रुपये को लेकर संतोष साहनी की हत्या हुई थी। 










संबंधित समाचार