हिंदी
नई दिल्ली: वक्फ संशोधन बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक सोमवार को समाप्त हो गई। संसदीय समिति ने सोमवार को सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी 14 संशोधनों को स्वीकार कर लिया।
जेपीसी का कहना है कि इसकी मसौदा रिपोर्ट को 28 जनवरी को सर्कुलेट किया जाएगा जबकि 29 जनवरी को इसे आधिकारिक तौर पर अडॉप्ट किया जाएगा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार जेपीसी की बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि 44 संशोधनों पर चर्चा हुई। 6 महीने के दौरान विस्तृत चर्चा के बाद, हमने सभी सदस्यों से संशोधन मांगे।
यह हमारी अंतिम बैठक थी इसलिए समिति द्वारा बहुमत के आधार पर 14 संशोधनों को स्वीकार किया गया है। विपक्ष ने भी संशोधन सुझाए थे। हमने उनमें से प्रत्येक संशोधन को आगे बढ़ाया और इस पर वोटिंग हुई।
मगर उनके के समर्थन में 10 वोट पड़े और इसके विरोध में 16 वोट पड़े। इसके बाद विपक्षी दलों को संशोधन को अस्वीकार कर दिया गया।विपक्षी सदस्यों द्वारा पेश किए गए हर बदलाव को अस्वीकार कर दिया।
जगदंबिका पाल ने कहा कि समिति द्वारा अपनाये गए संशोधनों से कानून बेहतर और प्रभावी बनेगा।
हालांकि विपक्षी सांसदों ने बैठक की कार्यवाही की निंदा की और पाल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को "विकृत" करने का आरोप लगाया।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "यह एक हास्यास्पद कवायद थी। हमारी बात नहीं सुनी गई। पाल ने तानाशाही तरीके से काम किया है।"
गौरतलब है कि जेपीसी की बैठक में कई बार जोरदार हंगामे की भेंट चढ़ी। कुछ दिनों पहले हुई बैठक में जगदंबिका पाल ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर उन्हें गाली देने का आरोप लगाया।
इसके बाद भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर 10 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं, पिछले साल 22 अक्टूबर को बैठक के दौरान कई नेताओं के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी।
सुनिये भोजपुरी के ट्रेंडिंग स्टार खेसारी लाल क्या कह रहे हैं:
Published : 27 January 2025, 4:30 PM IST
Topics : DynamiteNews Government HindiNews JPC ManojTibrewalAakashDynamiteNews ManojTibrewalAakashJournalist meeting New Delhi Waqf Amendment Bill