हिंदी
लखनऊ: पुलिस कर्मचारी चौबीसों घंटे और सातों दिन लगातार अपने कामकाज में लगे रहते हैं। आराम न कर पाने के कारण शरीर और मन दोनों ही थकावट से भर जाते हैं। जिससे कार्य क्षमता में कमी आती है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छुट्टी देने का खाका कानपुर और बाराबंकी में लागू करने का फैसला लिया है।
यह भी पढ़ें: ‘डाइनामाइट न्यूज़ यूपीएससी कॉन्क्लेव 2019’: आईएएस परीक्षा से जुड़ा सबसे बड़ा महाकुंभ
अभी तक 10 दिन काम करने के बाद 11वें दिन अवकाश देने की व्यवस्था बनाई गई थी लेकिन उससे कोई लाभ न मिलने के कारण अब एक और योजना तैयार की है। इसमें सभी थानों में तैनात पुलिस बल के 1/7वें हिस्से को छुट्टी मिलेगी। हालांकि इस अवकाश के साथ कुछ शर्तों को भी जोड़ा गया है। जैसे पुलिस कर्मचारी को किसी भी कीमत पर जिला नहीं छोड़ना होगा। साथ ही उन्हें किसी आपात स्थिति में वापस भी बुलाया जा सकेगा।
अभी केवल पायलट प्रोजेक्ट
यह योजना अभी केवल बाराबंकी और कानपुर नगर में बतौर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की जाएगी। साथ ही यह अवकाश राजपत्रित अधिकारियों पर लागू नहीं होगा। इसका लाभ निरीक्षक, उपनिरीक्षक से लेकर कांस्टेबल को दिया जाएगा।
अवकाश देने के लिए ऑनलाइन बनेगा रोस्टर
यह रोस्टर हृयूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (एचआरएमएस) के तहत कराया जाएगा। जिससे किसी भी तरह की कार्यबाधा न उत्पन्न हो साथ ही पुलिस कर्मचारियों को आसानी से अवकाश भी मिल पाएगा।
Published : 7 August 2019, 1:52 PM IST
Topics : Barabanki Kanpur police UP Government uttar pradesh उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश सरकार कानपुर पुलिस बाराबंकी