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फरेंदा (महराजगंज): स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को साफ़ व सुथरा रखने के लिए प्रदेश सरकार लाखों रुपये का बजट जारी करती है, ताकि गाँव साफ व स्वच्छ रहे। लेकिन कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते गाँवो में साफ़ सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार फरेंदा ब्लॉक के करमहवा बुजुर्ग गाँव में जाम नालियों से उठने वाले बद्बुदार गंदगी से तंग आकर ग्रामीण खुद कुदाल व फावड़ा उठा कर साफ़ सफाई में जुट गए।
गाँव के ग्रामीणों विश्वनाथ यादव, रामकृष्ण, अरविंद, देव शर्मा, सतीश जैसवाल ने बताया की पिछले कई महीनों से गाँवो की नालियों की सफाई नहीं हुई है।

जिससे नाली पूरी तरह कचरे से जाम हो गई है। नालियों के बदबु से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वही दूसरी तरफ बदबु से संक्रामक रोग पनपने का खतरा भी उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके लिए कई बार सचिव व ब्लॉक पर शिकायत की गई लेकिन कोई अधिकारी समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा।
तंग आकर कुछ ग्रामीणों ने खुद कुदाल व फावड़ा लेकर नालियों की सफाई किया।
इस मामले मे सचिव वेद प्रकाश ने बताया की गाँव में महिला सफाईकर्मी की नियुक्ति थी जो सस्पेंड चल रही है। अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया गया है।
Published : 23 March 2025, 7:20 PM IST
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