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पुरन्दरपुर (महराजगंज): ट्रैक्टर ट्रालियों को केवल कृषि कार्यों में प्रयोग करने का आदेश हाईकोर्ट ने दे रखा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सवारियां ढोने वाली ट्रालियों पर दस हजार रूपए जुर्माने का भी फरमान जारी कर रखा है। लेकिन ट्रैक्टर ट्रालियों के संचालकों को पर सरकार के आदेशों और नियम-कानून का कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
जनपद के ललाइन पैसिया, रुद्रपुर शिवनाथ, कोल्हुई, परसौना, एकसडवा चौराहा की सड़कों पर एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर ट्रालियां निकली। इन चलती ट्रालियों में बच्चों (Children) के साथ महिलाएं, पुरुष और युवा भी अनहोनी से अंजान होकर नाचते गाते गुजरते दिखाई दिए। तमाम चौराहे से गुजरे इस काफिले को यातायात (Transportation) पुलिस ने भी रोकने की जरुरत नहीं समझी।
मुख्यमंत्री की अपील बेअसर
काशगंज में दिन के उजाले में श्रद्धालुओं से भरी ट्रालियों में सवार 7 नन्हें बच्चों सहित कुल 22 लोगों की मृत्यु हो गई थी। बता दें कि 24 फरवरी को श्रद्धालुओं से भरी ट्राली तालाब में पलट जाने के कारण यह हादसा हुआ था। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्रालियों पर सवारियों की ढुलाई न करने का फरमान जारी करते हुए दस हजार रुपए जुर्माना (Fine) भी लगाने का आदेश दिया था। बावजूद इसके प्रशासन ने अब तक इस पर गंभीरता नहीं दिखाई है।
आचार संहिता का भी उल्लंघन
जनपद में आदर्श आचार संहिता (Code of Conduct) लागू हो गई है। बावजूद इसके प्रशासन आचार संहिता और हादसे से अंजान बना हुआ है।
Published : 18 March 2024, 7:22 PM IST
Topics : administration dancing devotees negligence trolleys कानून पुरन्दरपुर प्रशासन महराजगंज श्रद्धालु