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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय रोहिंग्याओं सहित सभी अवैध प्रवासियों को वापस भेजने वाली याचिका पर चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने भारतीय जनता पार्टी के नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका की सुनवाई को सहमति जताई। न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले पर चार हफ्ते बाद सुनवाई करेगा।
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याचिकाकर्ता अश्वनी उपाध्याय ने मामले का विशेष उल्लेख किया और याचिका पर जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया, लेकिन न्यायालय ने त्वरित सुनवाई से साफ इनकार कर दिया। उपाध्याय ने दलील दी कि रोहिंग्या और बग्लादेशी प्रवासी नागरिक भारतीयों की रोजी रोटी छीन रहे हैं। न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा इस जनहित याचिका को चार हफ्ते बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। खंडपीठ में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल है। (वार्ता)
Published : 21 November 2019, 5:15 PM IST
Topics : Bangladesh bjp petition Rohingyas Supreme Court उच्चतम न्यायालय बग्लादेशी याचिका रोहिंग्या सूर्यकांत