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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने ‘वोट के बदले नोट’ मामले में सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। पैसे लेकर सदन में भाषण या वोट देने पर दोषी सांसदों के खिलाफ केस चलाया जा सकेगा।
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डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 105 का हवाला देते हुए पुराने आदेश को पलट दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा रिश्वत के मामले में किसी भी विधायक या सांसद को कोई छूट नहीं दी जा सकती। रिश्वतखोरी विशेषाधिकार नहीं है और रिश्वत मामले में एमपी या एमएलए मुकदमे से नहीं बच सकते।
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सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में 5 जजों द्वारा दिये गये नरसिम्हा राव मामले में दिये गये फैसले को पलटते हुए संविधान पीठ ने सांसदों को वोट के बदले नोट या घूस लेने के मामले में कानूनी संरक्षण देने से इनकार कर दिया।
सात सदस्यीय संविधान पीठ के बेंच में एकमत से ये फैसला सुनाया है।
Published : 4 March 2024, 11:05 AM IST
Topics : सुप्रीम कोर्ट
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