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डॉग लवर और पशु प्रेमियों से जुड़ी कई कहानियां और किस्से तो आपने जरूर सुने होंगे। लेकिन डाइनामाइट न्यूज़ आज आपको एक ऐसे डॉग लवर की कहानी बताने जा रहा है, जिसके बारें आपने पहले कभी नहीं सुना होगा। पढ़िये डाइनामाइठ न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट
चेन्नई: डॉग लवर्स और पशु प्रेमियों के कई तरह के किस्से-कहानियां तो आपने जरूर सुने होंगे। लेकिन डाइनामाइट न्यूज़ आपको पशुओं के प्रति दीवानगी की एक ऐसी रिपोर्ट से रूबरू करवा रहा है, जो हर किसी के दिल को छू लेती है। इंसान और पशु प्रेम की यह कहानी है, सरकारी नौकरी से रिटायर तमिलनाडु के 82 साल के बुजुर्ग मुथु और उनके डॉगी टोम की। दरअसल, मुथु का डॉगी टोम पिछले साल से कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जुझने लगा था।
इस बीच मानवतावादी मुथु ने न केवल टोम का अलग-अलग जगहों पर इलाज करवाया, बल्कि उसकी खूब सेवा भी की। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। लगातार गिरती सेहत के चलते 11 साल के टोम ने इस साल जनवरी में दम तोड़ दिया। टोम की मौत के बाद भी टोम को लेकर मुथु की दिवानगी कम न हुई। मौत के बाद भी टोम को जीवंत बनाये रखने के लिये मुथु ने जो काम किया, उसकी अब चारों तरफ चर्चा हो रही है।
टोम नामक डॉगी को अपने बच्चे की तरह ही प्यार करने वाले मुथु ने शिवागंगा के मनामादुराई में अपने खेतों में टोम की प्रतिमा स्थापित की। संगमरमर से बनी टोम की इस प्रतिमा पर मुथु ने बकायदा माल्यार्पण भी किया। मार्बल की यह प्रतिमा हुबहु टोम जैसी दिखती है, जिसके निर्माण पर मुथु ने लगभग 80 हजार रुपये खर्च किये। यह प्रतिमा आज टोम के प्रति मुथु के अटूट प्रेम की कहानी को बखूबी बयां कर रही है, जिससे लाखों लोगों को भी पशु प्रेम को लेकर नई प्रेरणा मिल रही है।
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