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लक्ष्मीपुर (महराजगंज): एक तरफ जहां सरकार महिलाओं के लिए लाखों की लागत से पिंक शौचालय (Toilet) का निर्माण करवा रही है वहीं गांवों में जिम्मेदारों ने महिला टायलेट में दरवाजे तक नहीं लगाए हैं। जिससे महिलाओं के लिए यह शौचालय बेमतलब साबित हो रहा है।
जानिए पूरा मामला
स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम सभा कोट कमहरिया में सामूदायिक शौचालय बनाए गए हैं। एक तरफ पुरुष तो दूसरी तरफ महिलाओं के लिए शौच इत्यादि के प्रबंध भी किए गए हैं। इस शौचालय के दीवारों पर महात्मा गांधी की फोटो चस्पा कर 'एक कदम स्वच्छता की ओर' का स्लोगन भी दर्ज किया गया।
इसकी दूसरी तरफ की दीवार पर 'अपना इज्जत आप बचाओ, नहीं शौच को बाहर जाओ', स्लोगन भी ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने चस्पा कर रखा है। बावजूद इसके महिलाओं के लिए बने टाॅयलेट में अंदर दरवाजे का प्रबंध नहीं किया गया है। ऐसे में महिलाओं के लिए यह बेमतलब साबित हो रहा है।
जिम्मेदार भी मान रहे अपनी कमी
शासन की मंशानुसार बहु, बेटियां बाहर न शौच करें इसके लिए करीब तीन, चार वर्ष पूर्व ग्राम कमहरिया में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया।
इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमलेश साहनी ने डाइनामाइट न्यूज संवाददाता को बताया कि सामुदायिक शौचालय का पहले के कार्यकाल में पूर्ण भुगतान करा लिया गया है। इस कारण आज भी यह शौचालय अपूर्ण है। अभी यह हैंडओवर भी नहीं किया गया है।
Published : 22 March 2024, 12:10 PM IST
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