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इस्लामाबाद: पाकिस्तान की आर्थिक हालत दिनों दिन बदतर होती जा रही है। पाकिस्तान में डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया अपने अभी तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। पाकिस्तानी रुपया डॉलर के मुकाबले 147 रुपये प्रति डॉलर हो गया है। इससे पहले रुपया इसी सप्ताह 141 प्रति डॉलर पर आया था। पाकिस्तान के एक बड़े अर्थशास्त्री ने इसके 250 तक गिरने की आशंका जताई है।
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वहीं पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने पिछले सप्ताह ही 6 अरब डालर के राहत पैकेज को मंजूर करने की हामी भरी है। उसके कुछ दिन बाद ही पाकिस्तानी रुपये की यह हालत पाकिस्तान के लिए बेहद ही चिंताजनक स्थिति है।
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वहीं पाकिस्तान के कई अर्थशाष्त्री बेलआउट पैकेज को कर्ज का दुष्चक्र बता रहे हैं। उनका मानना है कि यह एक तरह का दुष्चक्र है, आगे चलकर पाकिस्तान को दोबारा आईएमएफ से कर्ज लेना पड़ेगा और अर्थव्यवस्था को स्थाई तौर पर कोई राहत मिलने वाली नहीं है। इस कर्ज से अर्थव्यवस्था को कोई स्थिरता तो मिलेगी नहीं, बल्कि आर्थिक तरक्की के मोर्चे पर ही पाकिस्तान और अधिक पिछड़ जाएगा।
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गौरतलब है कि पाकिस्तान असेंबली के आंकड़े कहते हैं कि फिलहाल पाकिस्तान पर कुल विदेशी ऋण का बोझ 88.199 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है जो आईएमएफ के कर्ज के बाद और बढ़ेगा।
वहीं दूसरी ओर भारत के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने छात्रों को चेतावनी दी है कि वो पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर (पीओके) के संस्थानों में दाखिला न लें। यह भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान के नियंत्रण में है।
Published : 17 May 2019, 4:34 PM IST
Topics : अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आईएमएफ प्रमुख इमरान खान इस्लामाबाद क्रिश्चियन लेगार्ड पाकिस्तान पाकिस्तानी रुपया
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