Odisha Foundation Day: स्थापना दिवस पर जानिये ओडिशा की कुछ खास बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को ओडिशा के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की खास रिपोर्ट

Updated : 1 April 2025, 7:26 PM IST
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भुवनेश्वर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को ओडिशा के लोगों को राज्य के स्थापना दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सुश्री मुर्मु ने कहा, "यह ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विभिन्न क्षेत्रों में इसके लोगों के उल्लेखनीय योगदान का जश्न मनाने का अवसर है।"

 उन्होंने कहा कि ओडिशा के गर्मजोशी से भरे और मेहमाननवाज लोगों ने अपनी गौरवशाली परंपरा को संरक्षित करते हुए राज्य की प्रगति के लिए कड़ी मेहनत की है।

उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं महाप्रभु जगन्नाथ से ओडिशा की शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, 'उत्कल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! यह दिन ओडिशा की गौरवशाली संस्कृति के लिए एक सच्ची श्रद्धांजलि है।" उन्होंने कहा कि भारत ओडिशा के इतिहास, साहित्य और संगीत पर गर्व करता है और ओडिशा के मेहनती लोगों की प्रशंसा करता है, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

श्री मोदी ने कहा, "पिछले एक साल में, केंद्र और ओडिशा सरकार राज्य की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उत्कल दिवस पर ओडिशा के लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, "ओडिशा दिवस के अवसर पर ओडिशा के हमारी बहनों और भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं।"

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राजभवन के पास उत्कलमणि गोपबंधु दास की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। ओडिशा दिवस के अवसर पर अपने संदेश में श्री माझी ने कहा, "एक अप्रैल, 'ओडिशा दिवस' से लेकर 14 अप्रैल, 'ओडिया नव वर्ष' तक, हम इन 14 दिनों को 'ओडिया पक्ष' के रूप में मना रहे हैं।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "ओड़िया पक्ष का हर पल स्वाभिमान, संस्कृति, परंपरा और एकता के मामले में ओड़िया लोगों के लिए प्रेरणा का समय हो। ओड़िया त्योहार हमारी भाषा, साहित्य, भोजन, कपड़े, नृत्य, संगीत और संस्कृति का उत्सव बनें। 

इस दौरान हम उन महान हस्तियों और बहादुर व्यक्तियों को याद करेंगे और उनका सम्मान करें,गे जिनके बलिदान के कारण 1936 में एक खंडित ओडिशा का एकीकरण हुआ।"

Published : 
  • 1 April 2025, 7:26 PM IST

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