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मुरादाबादः खुद को बीमारी से बचाने के लिये हम डॉक्टर से सलाह देने के बजाय खुद ही डॉक्टर बन ऐसे तरीके इजाद करने लगते हैं जो हमारी जान पर बन आता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आया है। यहां बीमारी से खुद को बचाने के लिये एक बुजुर्ग ने ऐसा तरीका खोजा जो बाद में उसकी मौत का ही कारण बन गया। मुरादाबाद के हथला सब्जी मंडी में रहने वाले बुद्धा सिंह टीबी के मरीज थे।

उन्होंने इस बीमारी से निजात पाने के लिये डॉक्टर की बजाय खुद को वैद्य से दिखाना बेहतर समझा। जब वह वैद्य के पास गये तो वैद्य ने उनको सलाह दी कि अगर वह टीबी से बचना चाहते हैं तो वह सरसों और केरोसिन तेल मिलाकर शरीर की मालिश शुरू कर दें। इससे जल्द ही बीमारी से निजात मिल जायेगा। इस पर बुद्धा सिंह हर रोज दोनों तेल को मिलाकर अपनी मालिश करते थे। शनिवार की शाम को मालिश के बाद कुछ ऐसा हो गया कि बुद्धा सिंह की जान ही चली गई।
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दरअसल बुद्धा सिंह केरोसिन और सरसों के तेल से मालिश कर शनिवार की शाम को शौचालय में शौच करने के लिये गये। तब शौचालय में लाइट की भी व्यवस्था नहीं थी। शौच के दौरान जैसे ही उन्होंने बीड़ी पीने के लिये माचिस कि तिल्ली को जलाया तो तभी इसकी चिंगारी उनके कपड़ों में लग गई। देखते ही उनका पूरा शरीर आग की चपेट में आ गया। जिससे शौचालय में ही उन्होंने थोड़ी देर बाद दम तोड़ दिया।
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काफी देर तक जब वह शौचालय से बाहर नहीं निकले तो उनके बेटे ने शौचालय के पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गये। उनके परिजनों ने देखा कि बुद्धा सिंह शौचालय के अंदर आग में जल चुके थे। इस पर परिजनों ने आनन-फानन में शौचालय का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला और तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया। जबकि डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत शौचालय में ही जलकर हो गई थी।
Published : 22 October 2018, 2:47 PM IST
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