मर्डर: बसपा नेता के हत्यारोपित को गोलियों से भूना, गांव में भारी तनाव

डीएन संवाददाता

बाइक सवार हमलावरों ने शनिवार को बसपा नेता के हत्यारोपितों की ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी और हत्या करने के बाद में मौके से फरार हो गए। डाइनामाइट न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट में पढें क्या है पूरा मामला


मेरठ: शोभापुर गांव के पास शनिवार दोपहर बाद करीब एक बजे खेत में गेहूं बो रहे बसपा नेता के हत्यारोपित की तीन बाइक सवार आठ हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। युवक के पास उसके दो साथी भी मौजूद थे, ‍जिन्होंने भागकर जान बचाई। हमलावर हाईवे की तरफ भागे जहां उन्होंने कार के पास खड़े एक व्यक्ति पर भी गोली चलाई। गोली कार में धंस गई। हमलावर हाईवे के रास्ते फरार हो गए। ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और युवक को कैलाशी अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन शव घर ले आए। एसपी सिटी, एसपी क्राइम पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाने का प्रयास किया। मगर परिजन और भीड़ ने हंगामा कर दिया। काफी देर बाद अाशीष के पिता के समझाने पर शव उठाने दिया गया।

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जांच में जुटी पुलिस

मुकदमे की तारीख थी

कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के शोभापुर गांव निवासी आशीष गुर्जर पुत्र महके सिंह पर कुछ महीने पहले गांव के ही अनुसूचित जाति के बसपा नेता गोपी पारिया हत्याकांड में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस हत्याकांड में आशीष गुर्जर के अलावा मनोज, कपिल और सुनील नामजद हुए थे। पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसमें दो महीने पूर्व ही आशीष गुर्जर और सुनील जमानत पर रिहा हुए थे। मनोज और कपिल जेल में बंद हैं। शनिवार को गोपी परिया हत्याकांड में चारों आरोपितों की कोर्ट में तारीख थी। अन्य परिजन तारीख पर गए हुए थे और आशीष को भी जाना था।

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तीन पल्सर पर आए आठ हमलावर

करीब एक बजे आशीष अपने दोस्त प्रिंस, अंशुल और दीपक टाटिया के साथ शोभापुर गांव के पास ही आर्मी फार्म हाउस के नजदीक अपने खेतों में गेहूं बोने के लिए गया था। खेत के पास आशीष तीनों दोस्तों के साथ बैठा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने बताया कि इसी बीच तीन पल्‍सर सवार आठ युवक आए और आशीष गुर्जर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चला दी। आठ गोली आशीष को लगीं। एक हमलावर ने प्रिंस पर गोली चलाने के लिए तमंचा ताना, जिस पर वह पत्थर मारकर भाग गया। उसने गांव जाकर घटना की जानकारी दी।

रास्ते में प्रोपर्टी डीलर पर चलाई गोली

इस दौरान हमलावर घटनास्थल से नेशनल हाईवे की तरफ भाग निकले। रास्ते में प्रॉपर्टी डीलर दर्शन सिंह गुर्जर पुत्र हेम सिंह निवासी शोभापुर पर भी गोली चलाई। मगर वह बाल-बाल बच गए। गोली उनकी सैंट्रो में धंस गई। सूचना पर ग्रामीण और परिजन खेत पर भागे, जहां से उन्होंने आशीष को गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया।

भारी पुलिस फोर्स मौके पर

परिजन शव को रोहटा रोड पर स्थित राणा फार्म हाउस के पास उसके घर ले आए, जहां एसपी क्राइम डॉक्टर बीपी अशोक, एसपी सिटी रणविजय सिंह, सीओ अखिलेश भदौरिया समेत आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। भारी संख्या में गुर्जर समाज के लोग जमा हो गए और हमलावरों की गिरफ्तारी न होने तक शव नहीं उठने देने की चेतावनी दी।

अनुसूचित जाति के आठ हमलावरों के नाम एसपी सिटी को बताए

प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने एसपी सिटी और एसपी क्राइम को बताया कि आशीष गुर्जर की हत्या में शोभापुर गांव के अनुसूचित जाति के आठ हमलावर शामिल थे। इनमें गोपी परिया का भाई प्रशांत उर्फ नीशु पुत्र ताराचंद पारिया, विजय उर्फ भांडु, गिज्जू उर्फ़ अमरदीप पुत्र राजेंद्र, रोहित पुत्र सुभाष, रवि पुत्र नाथ, रोहित, अमित पुत्र विजयपाल और केवल का सबसे छोटा पोता शामिल था। पुलिस इनकी तलाश में जुट गई है।

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जेल में बंद आरोपितों को बुलाने की मांग पर अड़े परिजन

आशीष के परिजनों ने पुलिस का विरोध करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। परिजनों ने कहा कि उन्हें पुलिस और नेताओं की कोई जरूरत नहीं है। वह अपना हिसाब खुद कर लेंगे। परिजनों ने मांग रखी कि जब तक जेल में बंद मनोज और कपिल को नहीं बुलाया जाएगा, वह शव नहीं उठने देंगे। एसपी सिटी ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की है। 
 

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