लखनऊ: अध्यापक भर्ती परीक्षा में धांधली.. शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव, CBI जांच पर अड़े अभ्यर्थी

यूपी में शिक्षक भर्ती की लिखित परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ उम्मीदवारों का गुस्सा फिर एक बार विभाग और सरकार के खिलाफ फूट पड़ा है। उम्मीदवारों की ओर से पूरी भर्ती प्रक्रिया की CBI जांच कराने की मांग भी उठने लगी है। डाइनामाइट न्यूज की स्पेशल रिपोर्ट..

Updated : 8 September 2018, 2:36 PM IST
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लखनऊ: यूपी में 68,500 पदों पर शिक्षक भर्ती में हुई तमाम गड़बड़ियों के खिलाफ शिक्षक भर्ती के उम्मीदवार सरकार के खिलाफ बड़ी तेजी से लामबंद हो रहे हैं। इस परीक्षा में हुई कथित धांधली और अनियमितताओं के लिए वे यूपी के शिक्षा विभाग को दोषी ठहरा रहे हैं। विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी तादाद में शिक्षक भर्ती के उम्मीदवार शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल से मिलने पहुंचे लेकिन शिक्षा मंत्री से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। जिसके बाद नाराज होकर अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के आवास के बाहर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस उन्हें समझा-बुझाकर शांत करने में जुटी रही।

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दरअसल पूरा मामला यूपी में सरकार द्वारा 68500 पदों पर शिक्षक भर्ती के लिए निकाली विज्ञापन से जुड़ा है, जिसमें परीक्षा ओएमआर शीट पर नहीं कराई गई और परीक्षा वस्तुनिष्ठ ना होकर लघु उत्तरीय स्तर की थी। उम्मीदवारों का आरोप है कि जिन उम्मीदवारों की सेटिंग थी, उन्होंने कई सवालों के जवाब खाली छोड़ दिए। जिन्हें बाद में भरवाकर कापिंया मैनुअल तरीके से जांची गई, जिससे बड़े पैमाने पर अयोग्य लोगों को अच्छे नंबर मिल गए।

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गौरतलब है कि कई उम्मीदवार अपनी कापियों की दोबारा जांच करवाने के लिए हाई कोर्ट भी पहुंचे। जिस पर विभाग द्वारा जारी किए गए अंकों और कापियों में मिले अंकों में भारी फेरबदल देखने को मिला। उम्मीदवारों ने पूरी भर्ती परीक्षा की सीबीआई जांच करवा कर भर्ती कराने की मांग उठाई है। वहीं कुछ उम्मीदवारों की यही मांग है कि 68500 पदों पर निर्धारित मेरिट कम करके पूरी भर्ती की की जाए।

शिक्षक भर्ती परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियों के बाद सरकार द्वारा फूलप्रूफ पारदर्शी तरीके से भर्ती कराने के दावों पर भी बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है।
 

Published : 
  • 8 September 2018, 2:36 PM IST

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