हिंदी
लखनऊ: यूपी के बलिया जनपद के रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में कल 15 अक्टूबर को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले को लेकर अब यूपी पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाये जा रहे हैं। मृतक के भाई ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर आरोपी को भगाने में मदद करने का गंभीर आरोप लगाया हैं।
बलिया में कल कोटे की दुकान के लिए एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में गांव में आयोजित खुली बैठक में एक व्यक्ति को गोली मार दी गयी। गोली लगने से दुर्जनपुर पुरानी बस्ती निवासी जयप्रकाश उर्फ गामा पाल (46) की इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई थी। घटना का मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह है, जो अभी तक फरार है। आरोपी को भाजपा नेता का करीबी बताया जा रहा है।
अब इस मामले में मृतक के भाई का कहना है कि जब धीरेंद्र प्रताप और उसके लोग पत्थरबाजी और फायरिंग कर रहे थे तो पुलिस उनको बचाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस मृतक पक्ष के लोगों को मौके से पीट-पीटकर भगा रही थी।
मृतक के भाई ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वारदात के बाद पुलिस ने हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी को पकड़ लिया था लेकिन बाद में उसे भीड़ से बाहर ले जाकर छोड़ दिया गया और जानबूझकर फरारा कराया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के सामने हुई फायरिंग समेत ईंट पत्थर और लाठी डंडे चलने की इस घटना में तीन महिलाओं सहित आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
Published : 16 October 2020, 9:47 AM IST
Topics : Ballia Ballia Firing and Murder case UP Police जांच पुलिस फायरिंग बलिया बलिया हत्याकांड भाजपा