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लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को नकली अधिकारी बन ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को लखनऊ से गिरफ्तार किया है
एसटीएफ ने अभियुक्त से 1 मोबाइल फोन, 6 डेबिट कार्ड, 3 चेकबुक, 2 एटीएम किट, 1 बैंक एकाउंट किट, 1 हस्ताक्षरित चेक, 1 इंटरनेट बैंकिग सिक्योरिटी कोड डिवाइस, 2 सिम कार्ड, 202 पेज WhatsApp के स्क्रीन शाट जिनमें ठगी में प्रयोग किये गये बैंक खातें की किट से सम्बन्धित जानकारी और व 2040 रुपए नकद बरामद किया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अभियुक्त कृष्ण कुमार उर्फ सुनील की गिरफ्तारी गुरुवार को अवध हास्पिटल चौराहे के पास हरदोई रोड पर लखनऊ से हुई।
जानकारी के अनुसार ये गिरोह सीबीआई/नारकोटिक्स/ क्राईमब्रांच के अधिकारी बनकर ठगते थे।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कृष्ण कुमार उर्फ सुनील (27) पुत्र भरत सिंह निवासी म०न० 576 ग्राम जलालाबाद पोस्ट जलालाबाद थाना मुरादनगर जनपद गाजियाबाद के रुप में हुई है।
सटीएफ को मुखबिर के माध्यम से संगठित गिरोहों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थी। जिस पर एसटीएफ ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार क्राईम ब्रांच के अधिकारी बनकर दो दिन तक जांच के नाम पर Digital Arrest कर 48.00 लाख रूपये की ठगी की गयी। मुखबिर के माध्यम से सूचना संकलित करते हुए एसटीएफ ने 14 नवंबर-2024 को एसटीएफ टीम ने गुरुग्राम हरियाणा से 5 अभियुक्तों, 16 नवंबर 2024 को लखनऊ से 2 अभियुक्तों व 3 दिसंबर 2024 को लखनऊ से 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
गिरफ्तार अभियुक्त कृष्ण कुमार ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2016 में आधुनिक इंस्टीट्यूट दुहाई गाजियाबाद में बीटेक में एडमीशन लिया था। परन्तु एक वर्ष बाद बीटेक ड्रापआउट कर मोनार्ड युनिवर्सिटी हापुड से बीएससी किया।
जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2023 में अभियुक्त की मुलाकात राहुल चौहान से हुई जो मुरादनगर गाजियाबाद में जेके मेडिकल स्टोर नाम से दुकान चलाते थे।
राहुल ने उसको गेमिंग स्कैमिंग, मिक्सिंग व स्टाक पर काम करने के बारे में बताया।
उसने टेलीग्राम के माध्यम से राजकुमार व पंकज सुरेला से सम्पर्क किया। यह लोग उसको कमीशन पर कार्पोरेट बैंक एकाउन्ट की डिटेल/किट उपलब्ध कराने लगे।
इस गिरोह द्वारा वीके ट्रेडिंग के बैंक खाते में भी सिरसा हरियाणा के एक व्यक्ति से लगभग 22 लाख की ठगी की थी। इस कारण 28 अगस्त 2024 को इसे, राहुल व मुहफिजुद्दीन को हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था।
लगभग दो माह जेल में रहने के बाद इसकी व मुहफिजुद्दीन की जमानत हो गयी। राहुल अभी भी जेल में बंद है। जेल से छूटने के बाद कृष्ण कुमार और मुहफिजुद्दीन फिर से गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उपरोक्त तरीके से साइबर ठगी करने लगे।
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त से बरामद इलेक्ट्रानिक उपकरणों का फारेंसिक परीक्षण किया जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों के प्रयास जारी हैं।
Published : 27 December 2024, 4:30 PM IST
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