शिशु गृहों से आखिर बच्चे क्यों हो रहे हैं लापता, कौन है इसके पीछे?

डीएन ब्यूरो

उत्तर प्रदेश में बाल शिशु गृहों में भारी लापरवाही सामने आई है। यहां से पिछले तीन सालों में 25 बच्चे लापता बताए गए हैं। आखिर ये बच्चे किस हाल में है और कैसे यहां से लापता हुए, इन प्रश्नों के कटघरे में अब ये शिशु गृह आए गए है। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

सांकेतिक तस्वीर
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वाराणसीः देशभर में बाल शिशु गृहों की लापरवाही सामने आने से अब इन पर सवाल खड़े होने लगे है। यहां रहने वाले बच्चों के साथ होने वाली हरकतों से न सिर्फ इन शिशु गृहों को चलाने वाले संस्थानों की बदनामी हुई है बल्कि यहां पर कई बच्चों के लापता होने के भी मामले सामने आए है। 

आखिर जो बच्चे ऐसी जगहों से लापता हो रहे हैं वो कहां गए। इस पर किसी ने संज्ञान भी लिया कि नहीं यह प्रश्न कहीं न कहीं इन संस्थानों को चलाने वाले प्रंबधकों पर खड़ा हो रहा है। वहीं ये बच्चे किस हाल में होंगे इसका किसी को भी कुछ नहीं पता है। अब छानबीन के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।  

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आखिर शिशु गृह से 25 बच्चे कैसे हुए लापता  

1. वाराणसी में एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे बाल शिशु गृह की कार्यशैली और यहां बच्चों के साथ बरती जाने वाली लापरवाही से यह शर्मसार हुआ है।

2. यहां लक्ष्मी शिशु गृह व मीरजापुर के महादेव शिशु गृह से पिछले तीन सालों में 25 बच्चों के लापता होने का मामला सामने आया है।

3. वाराणसी और मीरजापुर के डीएम से इस संबंध में  महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 15 सितंबर तक रिपोर्ट मांगी है।

4. हैरानी की बात तो यह है कि लापता हुए 25 बच्चों में से सर्वाधिक मीरजापुर से लापता हुए है।

5. आखिर ये लापरवाही हुई कैसे और बच्चों को किसने अगवा किया और इस बारे में किसलिए अब तक चुप्पी साधी गई थी। इन सवालों के कटघरे में अब ये संस्थान है।

6. मामला सामने आने के बाद अब केंद्रीय मंत्रालय की टीम ने मीरजापुर के महादेव शिशु गृह का निरीक्षण किया है। 

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7. संस्थान के पास बच्चों की गैरमौजूदगी की कोई ठोस जानकारी नहीं है। इससे इनकी लापरवाही का पता चला है। 

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8. अब वाराणसी व मीरजापुर के डीएम से इन शिशु गृहों की जांच-पड़ताल कर यहां से लापता हुए बच्चों की रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि यह पता चल सके कि इस भारी लापरवाही के पीछे आखिर किसका हाथ है।

9. बताया जा रहा है कि केंद्रीय टीम ने लक्ष्मी शिशु गृह में जब निरीक्षण किया था तो तब यहां मिली खामियों के चलते इस गृह की मान्यता को रद्द कर दिया गया था।

10. प्रदेश में न सिर्फ इन शिशु बाल गृहों में लापरवाही मिली है बल्कि दूसरी जगहों पर संचालित किए जा रहे बाल गृहों में भी ऐसा ही हो रहा है। इससे अब न सिर्फ ये बाल गृह चर्चा का केंद्र बने हुए है बल्कि लोग यह प्रश्न उठा रहे हैं कि आखिर सरकार इन्हें मान्यता कैसे दे देती है।

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