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गांधीनगर: आर्सेलर मित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल ने बुधवार को कहा कि आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) गुजरात के हजीरा में दुनिया का सबसे बड़ा एकल स्थान एकीकृत इस्पात संयंत्र बना रही है।
वैश्विक इस्पात कंपनी आर्सेलर मित्तल जापान की निप्पॉन के साथ भारत में संयुक्त उद्यम संचालित करती है।
वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन (वीजीजीएस) के यहां आयोजित 10वें संस्करण में मित्तल ने कहा कि संयंत्र की उत्पादन क्षमता 2.4 करोड़ टन प्रति वर्ष होगी। इसके 2029 तक तैयार होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन में कंपनी ने हजीरा संयंत्र के दूसरे चरण के लिए गुजरात सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
मित्तल ने कहा कि हजीरा संयंत्र के पहले चरण का काम 2021 में शुरू किया गया था और 2026 तक इसका उद्घाटन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में संयंत्र का भूमि पूजन किया गया था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार मित्तल ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार के सहयोग से कंपनी 2029 तक सूरत के पास परियोजना के दूसरे चरण को शुरू करेगी।
हालांकि, उन्होंने हजीरा में दुनिया के सबसे बड़े एकल स्थान एकीकृत इस्पात संयंत्र के निर्माण के लिए अनुमानित निवेश को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
मित्तल ने कहा कि गुजरात में निष्पक्ष, पारदर्शी तथा नीति संचालित शासन है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस्पात बहुत महत्वपूर्ण है।
मित्तल ने कहा कि आर्सेलर मित्तल केवल इस्पात में नहीं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन में भी निवेश कर रही है।
Published : 10 January 2024, 1:43 PM IST
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