Kanshi Ram Jayanti: मायावती ने खुद को 'आयरन लेडी' बताया, दूसरे दलों के दावों पर कही ये बात

डीएन ब्यूरो

कांशीराम जयंती का आज 91वां जन्मदिन है। ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पोस्ट किया है। एक्स पर मायावती ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और खुद को आयरल लेडी बताय। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

कांशीराम की 91वीं जयंती आज
कांशीराम की 91वीं जयंती आज


लखनऊ: यूपी की राजधानी लखनऊ में शनिवार को कांशीराम की जयंती मनाई गई। बसपा प्रमुख मायावती ने कांशीराम की 91वीं जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती पर देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। हम सभी ने सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के उनके आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने दी श्रद्धांजलि 

डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, बसपा सुप्रीमो मायावती ने इससे जुड़े एक्स पर दो पोस्ट किए है। अपने एक पोस्ट में मायावती ने बसपा संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को श्रद्धांजलि दी है। तो वही दूसरी पोस्ट में उन्होंने एक प्रेस नोट शेयर किया है और इस प्रेस नोट में कई मुद्दों पर लिखा गया है।  

मायावती ने किए पोस्ट 

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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बहुजन समाज को गरीबी, बेरोजगारी, शोषण, उत्पीड़न, पिछड़ेपन, जातिवाद, सांप्रदायिक हिंसा और तनाव की दर्दनाक जिंदगी से मुक्ति दिलाने के लिए अपने बहुमूल्य वोट की ताकत को समझना होगा। बहुजन समाज को सत्ता की चाबी मिलना जरूरी है। यही आज का संदेश है।

इस अवसर पर मायावती ने खुद को 'आयरन लेडी' बताया। अन्य दलों के दावे निराधार और भ्रामक साबित हुए। मायावती ने कहा कि यूपी की बड़ी आबादी ने देखा है कि कैसे 'आयरन लेडी' के नेतृत्व में बसपा बातों से ज्यादा काम करने में विश्वास करती है। सत्ता में रहने के दौरान हमने बहुजनों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया। जबकि, अन्य दलों द्वारा किए गए अधिकांश दावे निराधार और भ्रामक साबित हुए।

दलित शोषित समाज संघर्ष समिति की स्थापना कीउन्होंने कहा कि 15 मार्च 1934 को पंजाब के रूपनगर में जन्मे कांशीराम ने पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान और राजनीतिक लामबंदी के लिए काम किया। उन्होंने 1971 में अखिल भारतीय पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ (बामसेफ) की स्थापना की। 1981 में दलित शोषित समाज संघर्ष समिति की स्थापना की।
 


 

कहा कि 1984 में बसपा का गठन हुआ। कांशीराम 1991 में यूपी के इटावा से और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से लोकसभा सदस्य चुने गए।

उन्होंने 1998 से 2004 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम किया। 9 अक्टूबर 2006 को 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में उनका निधन हो गया।










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