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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद प्रर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बीती देर शाम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने झारखंड के सीएम पद से इस्तीफा दिया था और चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया। इस घटनाक्रम को एक दिन बीत गया लेकिन अभी तक भी नये सीएम का शपथ ग्रहण नहीं हो सका। इसके साथ ही राज्य में सियासी हलचल फिर एक बार तेज हो गई है।
झारखंड में जारी सियासी सरगर्मियों के बीच सीएम पद के लिये चुने गये चंपई सोरेन का गुरूवार शाम को बड़ा बयान सामने आया है। चंपई सोरेन ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद ये बयान दिया है और नया दावा किया।
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राजभवन से लौटने के बाद चंपई सोरेन ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया लेकिन राज्यपाल ने कहा कि उनको बाद में बुला लिया जायेगा। हालांकि चंपई ने यह भी कहा कि राज्यपाल ने जल्द फैसला लेने की बात कही है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक चंपई सोरेन का दावा है कि उन्होंने 43 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा है। चंपई का दावा है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में बहुमत है। उनका आरोप है कि सरकार बनाने का दावा करने के बाद भी राज्यपाल उनको शपथ ग्रहण का समय नहीं दे रहे हैं।
झारखंड की सियासत को लेकर कई तरह की नई अटकलें लगाई जा रही है और सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद भी चंपई की सीएम के रूप में ताजपोशी क्यों नहीं हो रही है।
बता दें कि ईडी ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन के आरोप में सात घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद बुधवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता हेमंत सोरेन को बुधवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया था।
Published : 1 February 2024, 6:28 PM IST
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