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वाशिंगटन: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा के मद्देनजर दोनों देशों के अधिकारियों ने ‘महत्वपूर्ण तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकियों पर पहल’ (आईसीईटी) के तहत जेट इंजन, लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली तोपों तथा इंफेंट्री वाहनों का साथ में मिलकर उत्पादन करने पर चर्चा की।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और अमेरिका के उनके समकक्ष जैक सुलिवन ने इस साल की शुरुआत में आईसीईटी की शुरुआत की थी।
यह पहल अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर शुरू की गयी जिन्होंने मई 2022 में तोक्यो में अपनी बैठक के बाद दोनों देशों की सरकारों, उद्योगों और अकादमिक संस्थानों के बीच सामरिक प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा रक्षा औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने की घोषणा की थी।
भारत के रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने के साथ पेंटागन में हुई बैठक में अमेरिका की उप रक्षा मंत्री कैथलीन हिक्स ने आईसीईटी के तहत जेट इंजन, लंबी दूरी की क्षमता वाली तोपों और इंफेंट्री वाहनों के सह-उत्पादन के प्रस्तावों को दोनों देशों के रक्षा क्षेत्र के बीच संबंधों के मजबूत करने का ‘‘अभूतपूर्व अवसर’’ बताया।
पेंटागन के प्रवक्ता एरिक पैहोन ने बताया कि दोनों अधिकारियों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने और संचालनात्मक साझेदारी बढ़ाने समेत अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी मजबूत करने की प्राथमिकताओं पर चर्चा की।
पैहोन ने बताया कि हिक्स ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए अहम अमेरिका-भारत साझेदारी की महत्ता पर जोर दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, भारत के आधुनिकीकरण के उद्देश्यों के लिए अमेरिका के सहयोग को दोहराते हुए हिक्स और अरमाने ने जून में होने वाली प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले इंडस-एक्स नामक पहल के प्रस्तावित आरंभ का भी स्वागत किया।
इससे एक दिन पहले दोनों अधिकारियों ने अमेरिका-भारत रक्षा नीति समूह की 17वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।
Published : 19 May 2023, 1:52 PM IST
Topics : America India Jet Engine vehicles अमेरिका इंफेंट्री जेट इंजन भारत सह उत्पादन