India-Pakistan: करतारपुर कॉरिडोर को लेकर ये बड़ी बात तय हुई भारत-पाकिस्तान के बीच

डीएन ब्यूरो

करतारपुर कॉरिडोर होकर गुरुद्वारा दरबार साहिब तक जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की वीजा मुक्त यात्रा पर दोनों देशों के बीच सहमति हुई

फाइल फोटो
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नई दिल्ली-अटारी: भारत और पाकिस्तान भारतीय श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का इस्तेमाल कर पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब तक बिना वीजा के यात्रा करने देने पर बुधवार को सहमति हो गई। अधिकारियों ने इस आशय की जानकारी दी।

अमृतसर के अटारी में बुधवार को दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान ने गुरुद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क लिए जाने पर जोर दिया था लेकिन भारतीय पक्ष इस पर सहमत नहीं हुआ।

गुरुद्वारा दरबार साहिब 

अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान ने गुरुद्वारा परिसर में भारतीय वाणिज्य दूत या प्रोटोकॉल अधिकारियों की उपस्थिति के लिए अनुमति देने पर भी अनिच्छा जताई। पाकिस्तान से उसके इस रुख पर फिर से विचार करने की अपील की गई। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने कहा कि बैठक में मसौदा समझौते को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष बिना किसी प्रतिबंध के भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान के गुरुद्वारा दरबार साहिब तक वीजा मुक्त यात्रा करने देने पर सहमत हुए।

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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारतीय मूल के व्यक्ति जिनके पास ओसीआई कार्ड हो, वे भी करतारपुर गलियारे का प्रयोग कर गुरुद्वारा जा सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि यह भी तय हुआ कि 5,000 श्रद्धालु हर दिन गुरुद्वारा जा सकते हैं और अतिरिक्त श्रद्धालुओं को खास मौकों पर ही अनुमति दी जाएगी जो पाकिस्तान की ओर से सुविधाओं के क्षमता विस्तार पर निर्भर करेगा।

नवंबर 2018 में भारत और पाकिस्तान ने करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ने वाला गलियारा बनाने पर सहमति जताई थी। एक सूत्र ने बताया, ‘‘पाकिस्तान ने संख्या को अधिकतम संभव बढ़ाने की प्रतिबद्धता जतायी है।’’ बैठक में यह भी तय हुआ कि गलियारा सालों भर और सप्ताह में सात दिन परिचालन में रहेगा और श्रद्धालुओं के पास अकेले या समूह में जाने का विकल्प रहेगा ।

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पाकिस्तान शिष्टमंडल का नेतृत्व करने वाले मोहम्मद फैसल ने वार्ता में हिस्सा लेने के लिए भारत आने से पहले वाघा सीमा पर पत्रकारों से कहा था कि पाकिस्तान तीसरे दौर की बातचीत के परिणाम को लेकर सकारात्मक है। भारत और पाकिस्तान के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच 30 अगस्त को हुई बैठक के बाद यह बैठक हुई। (भाषा)

 

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