हिंदी
नई दिल्ली: आज नवरात्रि के पावन पर्व का दूसरा दिन है, आज के दिन मां दूर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती है। माता के इस रूप को मां पार्वती का कुवांरा रूप माना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी के नाम का अर्थ "तप का आचरण करने वाली" है। वहीं माना जाता है कि देवी ब्रह्मचारिणी को तपस्या, वैराग्य और ज्ञान की देवी है।
मां ब्रह्मचारिणी ममता और ज्ञान की देवी है, उनके हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमण्डल रहता है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा बेहद खास होती है। क्योंकि इनकी पूजा के लिए ऐसी कन्याओं की पूजा की जाती है, जिनकी शादी तय हो, लेकिन शादी हुई ना हो। ऐसी कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें अच्छे से भोजन खिलाना चाहिए और उन्हें भेट के रूप में कपड़े, पात्र आदि देना चाहिए।
माता ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान पीले व सफेद रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इसके साथ मां ब्रह्मचारिणी को सफेद रंग के वस्तुएं दान करनी चाहिए। मां की पूजा के दौरान सफेद रंग के चीजों से ही उनको भोग लगाना चाहिए। आज के दिन उनके आगे घी का दीपक जलाना चाहिए। माता को चांदी की वस्तु भी समर्पित करना चाहिए। इस दिन शिक्षा तथा ज्ञान के लिए मां सरस्वती की भी पूजा करनी चाहिए। बताई गई विधि के अनुसार पूजा करने से साधक को मनोवासिंक फल मिलता है और मां की कृपा खूब बरसती है।
Published : 3 April 2022, 12:11 PM IST
Topics : Chaitra Navratri Give Special Results Maa Brahmacharini चैत्र नवरात्रि नवरात्रि का दूसरा दिन पूजा विधि मां ब्रह्मचारिणी