Chaitra Navratri 2026: क्या आप भी पाना चाहते नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा आशीर्वाद, तो जानें महत्व और अचूक उपाय

चैत्र नवरात्रि 2026 के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व है। जानें पूजा विधि, मालपुए का भोग, लाल फलों का महत्व और कैसे इस दिन के उपाय से जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के द्वार खुलते हैं।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 22 March 2026, 8:20 AM IST
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New Delhi: चैत्र नवरात्रि का चौथा दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को आदिशक्ति कहा जाता है, जिन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यही कारण है कि उन्हें सृष्टि की जननी भी कहा जाता है।

यह दिन सृजन, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ मां की पूजा करता है, उसके जीवन में नई शुरुआत के रास्ते खुलते हैं और अटके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं।

मां कूष्मांडा की पूजा क्यों है खास?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जब सृष्टि में चारों ओर अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी हल्की मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति की। इसी कारण उन्हें ‘कूष्मांडा’ कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है ‘कुम्हड़े के समान ब्रह्मांड की रचना करने वाली’। इस दिन मां की पूजा करने से भक्तों को ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। विशेष रूप से वे लोग, जो जीवन में रुकावटों या समस्याओं का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है।

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चौथे दिन का अचूक उपाय

नवरात्रि के चौथे दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और मां कूष्मांडा की विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा में धूप, दीप, फूल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद मां को मालपुए का भोग लगाना विशेष फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां को मालपुए अत्यंत प्रिय हैं और इससे वे शीघ्र प्रसन्न होती हैं।

लाल फलों का महत्व

मालपुए के साथ मां को लाल रंग के फल जैसे सेब या अनार अर्पित करना शुभ माना जाता है। लाल रंग शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है। यह उपाय मां की कृपा को और अधिक प्रभावशाली बनाता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।

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प्रसाद बांटने का महत्व

पूजा के बाद भोग के रूप में चढ़ाए गए प्रसाद को परिवार के सभी सदस्यों में बांटना चाहिए। ऐसा करने से घर में प्रेम, एकता और सौहार्द बढ़ता है। यह उपाय पारिवारिक तनाव को कम करता है और घर के वातावरण को सुखद और शांत बनाता है।

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। Dynamite News इसकी सत्यता या वैज्ञानिक प्रमाण की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या जानकार से सलाह अवश्य लें।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 22 March 2026, 8:20 AM IST

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