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लखनऊ/गोरखपुर: पांच दिन बाद भी परिजन पीड़ित अरविंद की सेहत को लेकर बुरी तरह परेशान हैं। तीन दिन में पांच अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद किसी तरह अरविंद को लखनऊ के अपोलो में भर्ती किया गया। यहां इसका इलाज जारी है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक पीड़ित की एक आंख समाप्त हो चुकी है।
नाबालिग अरविंद लखनऊ के अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है। जब हमारे संवाददातों की खोजी टीम ने लखनऊ के अस्पताल से लेकर गोरखपुर के घर तक का जायजा लिया तो सिस्टम की बेरहम चेहरे के शिकार पीड़ित के परिजन खौफजदा नजर आय़े। लखनऊ अस्पताल में पुलिस वाले धनवान व्यापारी के गुर्गों के साथ चक्कर दिख रहे हैं तो गांव पर रह-रहकर पुलिस पहुंच रही है और पता कर रही है कि कौन-कौन आया था?
पुलिसिया झूठ और नाकामी के चलते चार दिन बाद भी पुलिस आऱोपी को गिरफ्तार नही कर पायी और कल रात पहले से लिखी स्क्रिप्ट के मुताबिक आऱोपी ने थाने में सरेंडर किया। एक बार भी पुलिस ने यह जहमत नहीं उठायी कि व्यापारी चंदू को बुलाकर थाने में पूछताछ की जाय।
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पीड़ित का दिव्यांग पिता संतराज चीख-चीख कर कह रहा है कि गार्ड ने गोली चंदू के ललकारने पर चलायी। अब पुलिसिया दबाव पीड़ित के परिवार पर सिर चढ़कर बोल रहा है।
Published : 27 July 2019, 4:41 PM IST
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