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कानपुर: बर्रा थाना क्षेत्र में रहने वाले लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का बीते 22 जून को अपहरण कर लिया गया था। फिर 30 लाख की कथित फिरौती पुलिस की सहमति से हत्यारों को दी गयी इसके बावजूद संजीत की हत्या कर लाश को पांडु नदी में फेंक दिया गया।
एक महीने तक हवा में तीर चलाने वाली पुलिस परिजनों के इस आरोप को नकार रही है कि 30 लाख की फिरौती की रकम का लेन-देन हुआ है।
अब राज्य सरकार ने सारे मामले में पुलिसिया लापरवाही की जांच एडीजी बीपी जोगदंड को सौंपी है और तत्काल कानपुर जाकर रिपोर्ट देने को कहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक इस मामले में लापरवाही बरतने वाली अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी कानपुर नगर अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन सीओ मनोज गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है। इसके पहले थाना प्रभारी रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को निलंबित किया जा चुका है।
इस मामले में पुलिस ने बर्रा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 505/2020 धारा 364ए पंजीकृत कर रखा है।
एडीजी इस बात की जांच करेंगे कि क्या वाकई में अपहरण कर्ताओं को फिरौती की रकम दी गयी थी?
Published : 24 July 2020, 1:36 PM IST
Topics : Kanpur kidnapping murder uttar pradesh अपहरण कानपुर संजीत यादव हत्या